Indore Building Collapses Update : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में सोमवार देर रात (22 सितंबर) को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। रानीपुरा के व्यस्त जवाहर मार्ग पर स्थित एक पुरानी 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के समय इमारत में रहने वाले 14-15 लोग मलबे में दब गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन 5 घंटे तक चला, जिसमें पुलिस, नगर निगम, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें जुटी रहीं। सुबह तक मलबा हटाने के बाद तीन शव बरामद हुए और सभी घायलों को एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया।
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रानीपुरा इलाके में, प्रेमसुख टॉकीज के पीछे झंडा चौक के पास स्थित यह 5 मंजिला इमारत (जिसे ‘शंभू बाबा’ के नाम से जाना जाता था) पहले से ही जर्जर हालत में थी। कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, इमारत का पिछला हिस्सा काफी पुराना था, जबकि अगला हिस्सा हाल ही में दोबारा बनाया गया था। लगातार बारिश के कारण तलघर में पानी भर गया, और मौजूदा दरारें बढ़ गईं।
रात करीब 9:30 बजे जोरदार धमाके के साथ इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त इमारत में 3 परिवार (कुल 22 सदस्यों वाला) रहता था, लेकिन रात के समय कई लोग बाहर थे। नीचे दुकानें चलती थीं, और ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले 14 लोग मलबे में फंस गए।
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घायलों में एक 3 महीने की मासूम बच्ची भी शामिल है और 4 लोगों की सर्जरी की जरूरत पड़ी। डॉक्टरों ने कहा कि सभी की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। 3 जेसीबी मशीनों और एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू शुरू हुआ। थाना प्रभारी संजू कांबले ने बताया कि मलबे का 40-45% हिस्सा ध्वस्त हो गया था और बचाव कार्य रातभर चला।
प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण बारिश से तलघर में पानी भरना और पुरानी दरारें बताई जा रही हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि इमारत में कई दिनों से दरारें नजर आ रही थीं, लेकिन मालिक ने मरम्मत नहीं कराई।
कलेक्टर ने कहा कि इमारत की जांच हर एंगल से की जा रही है, और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। इंदौर में जर्जर भवनों की समस्या पुरानी है – 2024 में भी कई हादसे हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम को नियमित सर्वे कराना चाहिए। फिलहाल, आसपास की इमारतों का निरीक्षण शुरू हो गया है।
इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह का कहना है, “…लगभग 9:30 बजे घर गिरने की सूचना मिली। इसके बाद से पुलिस की टीमें, नगर निगम के कर्मचारी और एसडीआरएफ मौके पर पहुंच गए और लगातार बचाव कार्य जारी है। दस लोगों को बचाया गया है और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। दो और लोगों का पता चल गया है और जल्द ही उन्हें बचा लिया जाएगा।
भाजपा विधायक गोलू शुक्ला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों को आश्वासन दिया। सुबह तक सभी 12 घायलों को एमवाय अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया, जहां 100 से ज्यादा डॉक्टर इलाज में जुटे हैं। 2 शवों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन पोस्टमॉर्टम जारी है।
भाजपा विधायक गोलू शुक्ला ने कहा, “घटना बहुत दुखद है। उस समय कई लोग अंदर थे; 12 में से 10 को पहले ही बचा लिया गया है। दो लोग अभी भी अंदर हैं, और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ उन्हें बचाने के लिए काम कर रहा है।