मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित रायसेन जिला अपने ऐतिहासिक किस्सों के लिए जाना जाता है। यहां की कहानियां और खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। अगर आप अपने परिवार के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे रायसेन जिले एक अच्छा विकल्प होगा। यहां का स्वच्छ वातावरण, ऐतिहासिक धरोहरें और प्राकृतिक सुंदरता न सिर्फ बच्चों को अपनी ओर खींचेगा बल्कि पूरे परिवार के लिए एक यादगार सफर रहेगा।
अब आप सोच रहे होंगे कि यहां ऐसा क्या है घूमने लायक? तो चलिए हम आपको बताते हैं।
सांची
सांची, शांति और बौद्ध संस्कृति की नगरी है। ये भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। जहां सांची बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक धरोहर है। यह स्थान महात्मा बुद्ध के अनुयायी महामोद्गल्यायन और सारिपुत्र के अस्थि कलशों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। सम्राट अशोक द्वारा निर्मित सांची स्तूप कला का एक अद्भुत उदाहरण हैं। इतना ही नहीं ये बौद्ध संस्कृति की गहराई को भी दर्शाते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि, सांची को यूनेस्को ने 1989 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। यह जगह पहाड़ी पर स्थित है, जो प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिकता का अद्भुत मेल दिखाता है। यहां आप बच्चों और परिवार या फिर दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं।
भीमबेटका
भीमबेटका शैलचित्रों की एक अद्भुत दुनिया है। ये मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर रायसेन जिले में स्थित है। भीमबेटका सालों पुरानी गुफा है। कहा जाता है कि गुफाओं में आदिमानवों द्वारा बनाए गए शैलचित्र आज भी सुरक्षित हैं। यह जगह मानव सभ्यता के शुरुआती इतिहास को दर्शाता है। अगर आपको इतिहास में इंटरेस्ट है तो आपको ये जगह बहुत पसंद आने वाली है। यहां बने हुए चित्र करीब 10,000 से 30,000 साल पुराने बताए जाते हैं।
आपको बता दें कि, भीमबेटका को यूनेस्को ने 2003 में विश्व धरोहर स्थल घोषित कर किया था। यहां 550 मिलियन वर्ष पुराने डिकिंसोनिया जीवाश्म (Rock Shelters of Bhimbetka) भी मिले हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं।
भोजपुर
भोजपुर मंदिर, जिसे भोजेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक अधूरा शिव मंदिर है। यह मंदिर 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया था और भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर का मुख्य आकर्षण यहाँ का विशाल शिवलिंग है, जो एक ही पत्थर से बना है और 7.5 फीट ऊंचा है।
भोजेश्वर मन्दिर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित भोजपुर गांव में भोजेश्वर मंदिर बना है। इसे भोजपुर मंदिर भी कहा जाता है। रायसेन जिले में स्थित ये एक अधूरा भगवान शिव का मंदिर है। कहते हैं कि इस मंदिर को 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया था। जो भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर का मुख्य आकर्षण भगवान शिव की विशाल शिवलिंग है। आपको बता दें कि, ये एक ही पत्थर से बना है। जो लगभग 18 फीट ऊंचा और 7.5 फीट चौड़ा है।
रायसेन किला
रायसेन शहर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित रायसेन किला मध्यकालीन भारत की शौर्यगाथाओं का प्रतीक है। इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो यह किला रणनीतिक दृष्टि से बेहद मजबूत माना जाता था। इस किले को जीतने के लिए शेरशाह सूरी ने कई बार आक्रमण किया था। अगर आपको इतिहास में इंटरेस्ट है तो ये जगह आपको बहुत पसंद आएगी। क्योंकि इस किले में आज भी कई बावड़ियां, इत्र महल, बादल महल और रानी महल जैसे प्रमुख हिस्से मौजूद हैं। जिसमें आप पुराने निशान देख सकते हैं।