CM Mohan Yadav: मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कोशिश है कि गांवों में रहने वाले लोगों की आमदनी बढ़े और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर मिलें। इसी सोच के साथ अब विदिशा जिले में मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। इस योजना के जरिए मछुआरों और तालाब पट्टाधारकों को मत्स्य पालन के लिए आर्थिक मदद मिलेगी, जिससे उनकी कमाई बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
मछली पालन पर मिलेगा 40 फीसदी तक अनुदान
इस योजना के तहत ऐसे तालाब, जिनमें तीन से छह महीने तक पानी रहता है, उनमें मत्स्यबीज संवर्धन किया जाएगा। वहीं छह से नौ महीने तक पानी वाले तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में झींगा पालन करने वालों को भी योजना का लाभ मिलेगा। सहायक संचालक मत्स्योद्योग के अनुसार, काम पूरा होने के बाद पात्र हितग्राहियों को इकाई लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
Bhopal Crime: भोपाल में दोस्तों ने ही लूटी कार, ढाबे से लौटते वक्त युवक से मारपीट
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ ग्रामीण तालाब पट्टाधारक, स्व-सहायता समूह और मछुआ सहकारी समितियां ले सकती हैं। इच्छुक लोग मत्स्य विभाग के कार्यालय में जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। विभाग ने पात्र लोगों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
स्मार्ट फिश पार्लर के लिए भी मिलेगी मदद
योजना में सिर्फ मछली पालन ही नहीं, बल्कि स्मार्ट फिश पार्लर खोलने वालों को भी सहायता दी जाएगी। इसके लिए चयनित नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
मछुआरों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिनसे गांवों में रहने वाले लोगों की आय बढ़े और उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना भी इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और मछुआरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।