Sehore Heavy Rain: सीहोर में मानसून मेहरबान, 24 घंटे में सवा इंच बारिश; जावर में सबसे ज्यादा 2.81 इंच पानी बरसा

Sehore Heavy Rain

Sehore Heavy Rain: सीहोर। सीहोर जिले में मानसून अब पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है। जिससे पिछले 24 घंटे में हुई झमाझम बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं खेतों में भी नई उम्मीद जगी है। कई जगह नदी-नाले उफान पर हैं और समय पर हुई बारिश से किसान भी अच्छी फसल की आस लगाए हुए हैं। जावर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भूलेख विभाग ने बताया कि, पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 1.25 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 2.81 इंच बारिश जावर में हुई। इसके बाद आष्टा में 2.32 इंच और भैंरुदा में 2.20 इंच पानी बरसा है। इसके अलावा श्यामपुर में 1.18 इंच, इछावर में 0.87 इंच, रेहटी में 0.65 इंच और जिला मुख्यालय सीहोर में 0.35 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं बुधनी क्षेत्र में इस दौरान बारिश नहीं हुई है। E- Rickshaw Hacking: भोपाल में ऐप से ‘हैक’ हो रहे ई-रिक्शे! चालक बोले- किस्त भरें या रोजी-रोटी चलाएं ? पिछले साल से बेहतर रही मानसून की शुरुआत इस बार मानसून ने पिछले साल के मुकाबले बेहतर शुरुआत की है। पिछले वर्ष 3 जुलाई तक जिले में औसतन सिर्फ 0.16 इंच बारिश हुई थी, जबकि इस बार इसी तारीख तक 1.25 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं 1 जून से अब तक जिले में कुल 9.08 इंच औसत बारिश हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 8.74 इंच था। इससे साफ है कि इस बार बारिश की रफ्तार पहले से बेहतर बनी हुई है। बारिश से किसानों की बढ़ी उम्मीदें लगातार हो रही बारिश से खेतों में अच्छी नमी पहुंची है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती बढ़वार को फायदा मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि समय पर हुई यह बारिश खेती के लिए अच्छी है। अगर आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम बना रहा, तो किसानों को इस सीजन में अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद रहेगी। Simhastha 2028 : सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन को बड़ी सौगात, 200 हेक्टेयर में बनेगा विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू    

E- Rickshaw Hacking: भोपाल में ऐप से ‘हैक’ हो रहे ई-रिक्शे! चालक बोले- किस्त भरें या रोजी-रोटी चलाएं ?

E- Rickshaw Hacking

E- Rickshaw Hacking: भोपाल। भोपाल में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कई चालक दावा कर रहे हैं कि मोबाइल ऐप के जरिए उनके ई-रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ की जा रही है, जिससे चलते-चलते वाहन अचानक बंद हो रहे हैं। इसका असर उनकी रोज की कमाई पर पड़ रहा है। कई बार सवारियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ता है, तो कई बार चालक घंटों तक सड़क पर परेशान खड़े रहते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बीच रास्ते बंद हो रहे ई-रिक्शे, चालक और यात्री दोनों परेशान इस मामले में शहर के अलग-अलग इलाकों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि चलते समय ई-रिक्शे अचानक बंद हो जाते हैं। इससे सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बीच रास्ते में उतरना पड़ता है। चालक कहते हैं कि अगर यही स्थिति रही तो रोजी-रोटी चलाना मुश्किल हो जाएगा। Simhastha 2028 : सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन को बड़ी सौगात, 200 हेक्टेयर में बनेगा विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू वीआईपी रोड पर बच्चों से भरा ई-रिक्शा अचानक हुआ बंद बुधवारा निवासी ई-रिक्शा चालक तनवीर मोहम्मद खान ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह वीआईपी रोड से गुजर रहे थे। उस समय उनके ई-रिक्शे में छोटे-छोटे बच्चे बैठे थे। अचानक वाहन बीच सड़क पर बंद हो गया। काफी कोशिश के बाद भी जब रिक्शा चालू नहीं हुआ तो उन्हें उसे धक्का देकर ले जाना पड़ा। तनवीर का कहना है कि बाद में सिस्टम का लॉक खोलने के नाम पर उनसे 200 रुपये लिए गए। उनका दावा है कि सिर्फ एक दिन में उनका ई-रिक्शा चार बार बंद हुआ। वह हर महीने करीब 8 हजार रुपये की बैंक किस्त भरते हैं। उनका कहना है कि अगर गाड़ी ही नहीं चलेगी तो किस्त कैसे भरेंगे और परिवार का खर्च कैसे चलेगा। मैकेनिकों के यहां लग रही लंबी कतारें तनवीर का दावा है कि भोपाल में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक इसी समस्या से परेशान हैं। उनके मुताबिक कई मैकेनिकों की दुकानों पर ई-रिक्शों की लंबी लाइन लगी हुई है। कुछ लोग सिस्टम अनलॉक करने के नाम पर पैसे लेकर वाहन दोबारा चालू कर रहे हैं, जबकि बाकी चालक मदद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। इसके साथ ही दूसरे चालक भी ईसिस परेशानी का सामना कर रहे है। CM Mohan Yadav: सीएम मोहन यादव ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी बधाई, एक साल में संगठन मजबूत होने की कही बात जाने क्या है BAT BMS ऐप? जानकारी के अनुसार BAT BMS एक मोबाइल ऐप है, जो बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System) की निगरानी के लिए बनाया गया है। इसके जरिए बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान और दूसरी तकनीकी जानकारी देखी जा सकती है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और ब्लूटूथ के जरिए कुछ लिथियम बैटरियों से कनेक्ट हो सकता है। आखिर क्यों हो रहे है विवाद ? चालकों का आरोप है कि कुछ लोग इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शों के BMS से छेड़छाड़ कर रहे हैं, जिससे वाहन बीच रास्ते में बंद हो रहे हैं। हालांकि अभी तक यह आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुआ है कि हर मामले में ऐप के जरिए ही वाहन बंद किए गए। इस पूरे मामले की जांच जारी है और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। Harda News: आस्था के घाट पर गंदगी का अंबार, हंडिया-नेमावर नर्मदा तट की बदहाल सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल पुलिस हर एंगल से कर रही जांच पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित ई-रिक्शा मॉडलों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में कोई सुरक्षा संबंधी कमी थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अगर तकनीकी छेड़छाड़ हुई है तो वह किस तरह की गई और इसके पीछे कौन लोग हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सही तस्वीर सामने आएगी।