हाइलाइट्स
- आठनेर में बिजली के पोल पर करंट लगने से बंदर बुरी तरह झुलसा
- युवकों ने 35 किमी दूर निजी गाड़ी से पहुंचाया बैतूल अस्पताल
- हाथ-पेट झुलसे, हड्डियां टूटीं; हालत गंभीर
- बेहतर इलाज के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान रेफर, CM हेल्पलाइन में शिकायत
Betul accident news : बैतूल। जिले के आठनेर क्षेत्र में बुधवार को एक संवेदनशील घटना सामने आई, जहां बिजली के पोल पर बैठे एक बंदर को करंट लग गया। झटके के कारण वह बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को समझा और कुछ स्थानीय युवकों ने मिलकर उसकी जान बचाने की कोशिश शुरू की।
करंट लगते ही पोल से गिरा, हालत गंभीर
घटना आठनेर के अम्मा जी दरगाह के पास की है, जहां शॉर्ट सर्किट के चलते पोल पर बैठा बंदर अचानक करंट की चपेट में आ गया। तेज झटके के बाद वह नीचे गिर पड़ा और बुरी तरह घायल हो गया।
फल व्यवसायी दुर्गा तायवाड़े ने सबसे पहले उसे देखा और तुरंत उठाकर सुरक्षित जगह पर ले आए।
युवकों ने दिखाई इंसानियत, खुद लेकर पहुंचे अस्पताल
घटना के बाद स्थानीय युवक सुनील सोनकर, लोकेश सोनी, चंदन वाघमारे और राजेश तुरंत मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर घायल बंदर को उठाया और आठनेर के पशु चिकित्सालय ले गए।
प्राथमिक उपचार के दौरान उसे दो इंजेक्शन दिए गए, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला मुख्यालय बैतूल रेफर कर दिया।
सरकारी वाहन नहीं मिला, निजी गाड़ी से पहुंचाया बैतूल
जब युवकों ने बंदर को बैतूल ले जाने के लिए सरकारी वाहन की मांग की, तो उन्हें बताया गया कि ड्राइवर उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में उन्होंने इंतजार करना उचित नहीं समझा और अपनी निजी स्कॉर्पियो गाड़ी से ही घायल बंदर को गोद में लेकर करीब 35 किलोमीटर दूर बैतूल पशु चिकित्सालय पहुंचाया।
गंभीर चोटें: हाथ जला, हड्डियां टूटीं, पेट भी झुलसा
बैतूल में पशु चिकित्सक डॉ. मृदुला सिन्हा ने बंदर का परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि
- बाएं हाथ की कलाई पूरी तरह झुलस गई है
- हाथ की हड्डियां टूट चुकी हैं
- पेट का बड़ा हिस्सा भी बुरी तरह जल गया है
बंदर की हालत को गंभीर देखते हुए वन विभाग को तुरंत सूचना दी गई।
वन विभाग की टीम पहुंची, वन विहार किया गया रेफर
सूचना मिलते ही वन विभाग के वनरक्षक अविनाश मौके पर पहुंचे। बंदर की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान रेफर कर दिया गया है।
इलाज में देरी पर CM हेल्पलाइन में शिकायत
युवकों ने आरोप लगाया कि इलाज की प्रक्रिया में देरी हुई, जिसके चलते उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि समय पर बेहतर व्यवस्था मिलती तो जानवर को और जल्दी राहत मिल सकती थी।