Indore Contaminated Water : इंदौर। स्वच्छता के लिए मशहूर इंदौर शहर इन दिनों दूषित पानी के संकट से जूझ रहा है। भागीरथपुरा इलाके में बोरिंग के पानी में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया है। यह बैक्टीरिया हैजा, टाइफॉइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी खतरनाक बीमारियों का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यहां से लिए गए 60 पानी के सैंपलों में से 35 फेल हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वार्ड के भाजपा पार्षद कमल वाघेला का बोरिंग भी दूषित पाया गया है।
9 मरीजों की हालत गंभीर
इस दूषित पानी से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुल 437 मरीज अस्पताल पहुंचे। इनमें से 381 को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि 56 अभी भर्ती हैं।
इनमें 9 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
प्रशासन ने पहले ही कराई थी मुनादी
बुधवार को भागीरथपुरा चौकी के पास बनी पानी की टंकी का वॉल खोला गया। जैसे ही वॉल खुला, सभी हैरान रह गए। दो दिन पहले ड्रेनेज लाइन का पाइप डालने की जगह से गंदा पानी बाहर निकलने लगा। कुछ ही देर में गड्ढा पानी से भर गया।
यह साफ दिखाता है कि नर्मदा पानी की लाइन में सीवर का रिसाव हो रहा था। प्रशासन ने पहले ही मुनादी कराकर लोगों को नर्मदा लाइन का पानी इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी थी। अब फ्लशिंग का काम चल रहा है, यानी दूषित पानी को पूरी तरह बाहर निकाला जा रहा है। यह प्रक्रिया कुछ दिन और चलेगी।
भोपाल का पानी भी दूषित
भोपाल में भी पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर निगम ने शहर के करीब 250 जगहों से पानी के सैंपल लिए, जिनमें से 4 सैंपल फेल पाए गए। इनमें खानूगांव, आदमपुर छावनी और बाजपेई नगर के भूगर्भ जल में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया।