Indore Contaminated Water : इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का कहर थम नहीं रहा है। अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को 5 माह के मासूम अव्यान साहू समेत 4 लोगों ने दम तोड़ दिया। मासूम की मां ने सवाल उठाया कि सरकार बच्चों की मौत क्यों नहीं बताती। निश्चित तौर पर और बच्चे भी शिकार हुए होंगे।
मौतों के आंकड़ों पर कलेक्टर, महापौर और मंत्री के अलग-अलग बयान से कन्फ्यूजन है। कलेक्टर ने 4 मौतें, महापौर ने 7 और पहले मंत्री ने 3 बताई थीं। पिछले एक हफ्ते में करीब 150 लोग बीमार हुए। अस्पतालों में 100 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। शौचालय के नीचे मुख्य पाइपलाइन में लीकेज मिलने से दूषित पानी की आशंका पुख्ता हुई है।
मौतों का सिलसिला
बुधवार की मौतें : 5 माह का अव्यान साहू, गोमती रावत (50), उमा कोरी (31), संतोष बिगोलिया।
पहले की मौतें : नंदलाल पाल (75), उर्मिला यादव (69), मंजुला (74), सीमा प्रजापत (50), ताराबाई कोरी (70)।
पहली मौत : 26 दिसंबर को गोमती रावत की।
परिजनों का दावा है कि दूषित पानी पीने से हालत बिगड़ी। डॉक्टर कुछ मामलों में कार्डियक अरेस्ट बता रहे हैं।
अस्पतालों की स्थिति
वर्मा हॉस्पिटल: 30 मरीज।
ईएसआईसी: 11।
एमवायएच: 5।
त्रिवेणी: 7।
अरबिंदो: 6 (3 आईसीयू में)।
कुल 111 मरीज भर्ती, 18 डिस्चार्ज।
सरकार का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये सहायता दी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इलाज सरकार के खर्च पर होगा। पहले जमा पैसे रिफंड होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जांच के आदेश दिए। दोषियों पर कार्रवाई होगी। 50 टैंकरों से पानी सप्लाई। हेल्पलाइन: 7440440511।
कारण और जांच
शौचालय के नीचे मेन लाइन में लीकेज मिला। जेसीबी से सुविधाघर तोड़कर मरम्मत की गई। पानी के 70 सैंपल जांच में। खुदाई और ड्रेनेज समस्या से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। भावना नगर में भी शिकायतें।