MP News : बैतूल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के हॉस्टल में एक 21 वर्षीय आदिवासी MBBS छात्र की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी गांव के निवासी यशराज उइके, जो प्रथम वर्ष के छात्र थे, की मौत 10 नवंबर की रात को हुई। परिजनों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को हादसा बताने से इनकार करते हुए रैगिंग और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बुधवार को परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें अजाक्स संगठन और मांझी अंतरराष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक संस्था के सदस्य शामिल थे, ग्वालियर पहुंचा। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP), आयुक्त और झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव को एक ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच, विशेष रूप से सीबीआई स्तर पर जांच की मांग की गई है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी अपील की गई।
परिजनों ने बताया कि 10 नवंबर की देर रात उन्हें फोन पर सूचना मिली कि यशराज फर्स्ट फ्लोर से गिर गया है और उसे गंभीर चोटें आई हैं, इसलिए वह ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती है। परिवार के सदस्य रातोंरात बैतूल से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। सुबह जब वे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, तो यशराज का शव स्ट्रेचर पर पड़ा हुआ मिला। यह देखकर परिवार वाले सदमे में आ गए।
उन्होंने तुरंत सवाल उठाए कि अगर छात्र फर्स्ट फ्लोर से नीचे गिरा था, तो उसके शरीर पर चोट के निशान, खरोंच या खून क्यों नहीं दिख रहा? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक जांच में भी कोई स्पष्ट चोट के सबूत नहीं मिले।
घटना स्थल पर और भी कई संदिग्ध बातें सामने आईं। यशराज का मोबाइल फोन हॉस्टल की तीसरी मंजिल से बरामद हुआ, जबकि गिरावट फर्स्ट फ्लोर से बताई जा रही थी। वहीं, उनकी चप्पलें कमरे में व्यवस्थित तरीके से रखी मिलीं, जो सामान्य गिरावट की स्थिति में असंभव लगता है। परिवार का कहना है कि ये सबूत घटना को आत्महत्या या हादसे से ज्यादा संदिग्ध बनाते हैं।
यशराज के पिता पंचम उइके ने बताया कि दीपावली पर बेटा घर लौटा था। उस वक्त उसने खुलासा किया था कि कॉलेज के कुछ सीनियर छात्र उसके साथ भेदभाव कर रहे हैं। वे बैतूल के गोंड समुदाय के लड़के के डॉक्टर बनने पर द्वेष रखते हैं और अक्सर ताने मारते हैं।
परिवार का दावा है कि संभवतः इन छात्रों ने यशराज के साथ मारपीट की, जिसमें पेट में गंभीर चोट लगी। इससे उसकी मौत हुई हो सकती है। रूम पार्टनर ने बताया कि रात में गिरने की आवाज सुनाई दी, लेकिन उसे तुरंत पता नहीं चला।
मांझी अंतरराष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी छात्रों के साथ मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग और जातिगत भेदभाव आम समस्या है। इस मामले में तत्काल उच्च जांच जरूरी है।
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झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने पुष्टि की कि शिकायत दर्ज हो चुकी है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट शामिल हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौत हादसा थी, आत्महत्या या हत्या। परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन करेंगे।