MP Breaking News : बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। यह टकराव रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में हुआ। नक्सलियों ने फायरिंग की। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली बच निकले। फिलहाल पुलिस ने जंगल में अतिरिक्त फोर्स उतारकर सर्चिंग तेज कर दी है।
एएसपी आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 से 12 बजे सर्चिंग टीम को पांच नक्सली दिखे। नक्सलियों ने अचानक गोली चलानी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाब में फायरिंग की। मुठभेड़ कुछ देर चली। नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए। शुक्ला ने कहा कि जवानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। लेकिन नक्सलियों के भागने से खतरा बरकरार है। इसलिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
कटेझिरिया जंगल नक्सलियों का पुराना गढ़ रहा है। यहां की घनी वनस्पति और पहाड़ियां छिपने में मदद करती हैं। सुरक्षाबलों ने ड्रोन और थर्मल कैमरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। अतिरिक्त टीमें छत्तीसगढ़ सीमा तक सतर्क हैं। एएसपी ने कहा कि यह इलाका संवेदनशील है। नक्सली यहां हथियार छिपाते हैं। सर्चिंग से उनके ठिकाने उजागर हो सकते हैं।
यह वही जंगल है जहां 14 जून को सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की थी। तब 14-14 लाख रुपये की इनामी चार नक्सलियों को मार गिराया गया। इनमें रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी (पति चंदू उर्फ देवचंद), रवि, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला और सुमन शामिल थे। ऑपरेशन में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए। इस घटना ने नक्सली संगठन को झटका दिया। लेकिन वे अब भी सक्रिय हैं।
Balaghat Naxalite Surrender : 14 लाख की ईनामी महिला सुनीता का सरेंडर, पूछताछ में खोले बड़े राज
हाल ही में नक्सलियों को एक और झटका लगा। 1 नवंबर को तीन राज्यों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश) की मोस्ट वांटेड नक्सली सुनीता आयाम ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह 14 लाख रुपये की इनामी थी। बालाघाट पुलिस के सामने सरेंडर किया। सुनीता ने बताया कि संगठन में थकान हो गई। अब वह मुख्यधारा में लौटना चाहती है। पुलिस ने उसे सुरक्षा दी। यह सरेंडर नक्सल प्रभाव को कम करने का संकेत है।