MP News : पन्ना। मध्य प्रदेश का पन्ना जिला हीरों की नगरी के नाम से मशहूर है। यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना देती है। कृष्णा कल्याणपुर पट्टी की हीरा खदान में एक मजदूर को एक साथ दो चमकदार हीरे मिले। एक का वजन 1.56 कैरेट और दूसरे का 1.35 कैरेट। दोनों अच्छी क्वालिटी के हैं। मजदूर ने इन्हें हीरा कार्यालय में जमा कर दिया। पारखियों ने जांच कर स्वीकार कर लिया।
मजदूर कैलाश कुमार तिवारी पिता मैया दीन तिवारी हिनौता गांव, पन्ना के रहने वाले हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाया। कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में खुदाई शुरू की। बुधवार को खुदाई के दौरान दो हीरे निकले। कैलाश ने कहा, “हीरा मिलने से बहुत खुशी हुई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। नीलामी से मिलने वाले पैसे से बच्चों की पढ़ाई और घर सुधारेंगे।”
खनिज अधिकारी रवि पटेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 29 अक्टूबर को कृष्णा कल्याणपुर पट्टी खदान से कैलाश को 1.56 और 1.35 कैरेट के दो हीरे मिले। दोनों जमा हो गए। पन्ना में दो मुख्य शासकीय खदानें चल रही हैं। उथली खदान सबसे बड़ा रकबा है। कृष्णा कल्याणपुर पट्टी दूसरी। यहां सबसे ज्यादा हीरे निकलते हैं। ग्राम पंचायत सकरिया के चौपड़ा में यह खदान है।
पिछले एक महीने में यहां कई हीरे मिले। हीरा कार्यालय में कुल 70 हीरे जमा हो चुके। इन्हें जल्द सरकारी नीलामी में बेचा जाएगा। नीलामी से मिलने वाले पैसे में सरकारी हिस्सा कटेगा। बाकी मजदूर को मिलेगा। पन्ना की धरती ने कई किसानों और मजदूरों की किस्मत बदली। कैलाश का परिवार अब आशान्वित है।