Indore News : इंदौर। मध्य प्रदेश के रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई तेज हो गई है। हाल ही में उनकी बेटी अपूर्वा, बेटे सूर्यांश और बहू मिनी शुक्ला भदौरिया के बैंक लॉकरों से करीब 3.85 करोड़ रुपये कीमत के सोना और हीरे के जेवरात बरामद हुए। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर आधारित है।
शुक्रवार को कैनरा बैंक के देवास नाका शाखा में अपूर्वा के नाम का लॉकर खोला गया। लोकायुक्त टीम ने वहां से 1 किलो 658 ग्राम सोने के आभूषण निकाले, जिनकी कीमत 1.5 करोड़ बताई जा रही है।
वहीं, एचडीएफसी बैंक से सूर्यांश और मिनी के लॉकर में 2 किलो सोना और हीरे जड़े जेवरात मिले, जिनकी वैल्यू 2.35 करोड़ है। लॉकर खोलने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भदौरिया ने वकीलों के जरिए बैंक अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
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सूत्र बताते हैं कि भदौरिया को शक था। वह लोकायुक्त को चकमा देकर लॉकर से सामान निकालना चाहते थे। उन्होंने वकीलों से कहा कि अपूर्वा ही लॉकर खुलेगी। लेकिन बैंक ने लॉकर फ्रीज कर दिया था। कैनरा बैंक की निरीक्षक रेणु अग्रवाल ने कार्रवाई की। एचडीएफसी में डीएसपी सुनील तालान ने सामान जब्त किया।
यह पहली बार नहीं है। पहले उनके कैलाश कुंज अपार्टमेंट पर छापा मारा गया था। वहां 80 लाख का सोना और नकदी बरामद हुई। कुल मिलाकर भदौरिया की वैध आय सिर्फ 2 करोड़ बताई जा रही है, लेकिन संपत्ति 18 करोड़ से ज्यादा की पाई गई। इसमें 4.2 किलो सोना, 7.1 किलो चांदी, 1 करोड़ नकद, प्लॉट के कागजात और फिल्मों में निवेश शामिल हैं।
भदौरिया की करियर विवादों से भरी रही। 1987 में आबकारी विभाग में भर्ती हुए। वे इंदौर, ग्वालियर, खंडवा, धार और अलीराजपुर में तैनात रहे। दो बार निलंबित हो चुके हैं। अलीराजपुर में लंबे समय तक रहे, जहां गुजरात की अवैध शराब लाइन का बड़ा रसूख है।
दर्जनभर शिकायतें उनके खिलाफ आईं। विभागीय सूत्र कहते हैं कि उन्होंने पेटी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए शराब के धंधे में हिस्सेदारी ली। रिटायरमेंट अगस्त 2025 में हुआ। अब लोकायुक्त जांच जारी रखे हुए है। परिवार सदमे में है।