MP News : भोपाल। दीवाली की रौनक मध्य प्रदेश में आंखों की रोशनी छीनने वाली साबित हुई। कार्बाइड पाइप गन से खेलते हुए 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। ज्यादातर बच्चे 7 से 14 साल के हैं। भोपाल में ही 162 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। ग्वालियर, इंदौर, विदिशा और सागर में भी हादसे हुए। अब सरकार जागी है।
एडीएम प्रकाश नायक ने बिक्री, खरीद और स्टॉक पर पूरी रोक लगा दी। पकड़े जाने पर FIR होगी। लेकिन ये आदेश दीवाली से पहले क्यों नहीं? सवाल उठ रहा है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को एसडीएम को जांच का जिम्मा सौंपा।
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हादसों का आंकड़ा डरावना
प्रदेशभर में कार्बाइड गन ने तबाही मचाई। भोपाल में 162 लोग प्रभावित। ग्वालियर में 36 केस। इंदौर में 4, सागर में 3। कुल 300 से ज्यादा। इनमें 30 मामले गंभीर। कई को स्थायी अंधापन हो सकता है। बच्चे सबसे ज्यादा शिकार। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से बिक्री बढ़ी। ये गन सिर्फ 50 रुपये में बन जाती है। PVC पाइप, कैल्शियम कार्बाइड और लाइटर से। विस्फोट इतना तेज कि आंखें जला देता।
अस्पतालों में हड़कंप
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के नेत्र विभाग में 36 मरीज भर्ती। 15 की सर्जरी हो चुकी। दो बच्चों की आंखों में एमनियोटिक मेम्ब्रेन लगाई गई। ये प्रसव के दौरान गर्भ से निकलने वाली झिल्ली है। हमीदिया अस्पताल में 40 मरीज आए। AIIMS भोपाल में 13। CMHO मनीष शर्मा ने कहा कि 60 से ज्यादा भर्ती। कई को डिस्चार्ज कर दिया। लेकिन खतरा बरकरार। ग्वालियर के अस्पतालों में भी बच्चे इलाज करा रहे।
कार्रवाई शुरू लेकिन देर से
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गुरुवार रात हमीदिया पहुंचे। मरीजों से मिले। हर मदद का भरोसा दिया। बताया कि दीवाली से पहले ही एसडीएम को कार्रवाई का आदेश था। बैरसिया, गोविंदपुरा जैसे बाजारों से 55 गन जब्त। जिनसे जब्त हुईं, उनके खिलाफ FIR होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सख्ती बढ़ी। देवउठनी एकादशी पर भी बिक्री होती है। इसलिए कलेक्टर ने नया आदेश जारी किया। एसडीएम पटाखा दुकानों पर छापा मारेंगे।
FIR और गिरफ्तारी
भोपाल में गुरुवार रात एहसान नगर के मोहम्मद ताहा पर FIR। ग्वालियर में शाहिद अली नामक युवक गिरफ्तार। इंदरगंज थाने ने कार्रवाई की। वह झाड़ू वाला मोहल्ले में बेच रहा था। ऑल इंडिया आप्थाल्मोलॉजिकल सोसाइटी ने एडवाइजरी जारी। देशभर के डॉक्टरों से डेटा मांगा। भोपाल सबसे प्रभावित। पटना, पुणे, चंडीगढ़ में भी केस।
पैसे की मदद
एक मरीज ने बताया कि डॉक्टरों ने अटेंडेंट को 5-5 हजार रुपये दिए। ये कलेक्टर की तरफ से रेड क्रॉस सोसाइटी के जरिए। मदद से राहत मिली। लेकिन रोकथाम पर सवाल। आदेश में साफ कहा गया। कार्बाइड गन अवैध। निर्माण, बिक्री, खरीद पर बैन। पर्यावरण और शांति पर असर। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत कार्रवाई। एसडीएम, पुलिस मॉनिटरिंग करेंगे।