Rajgarh News : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के माचलपुर नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। नगर परिषद के 40 से ज्यादा सफाईकर्मी पिछले दो महीने से वेतन न मिलने और मांगों की अनदेखी पर हड़ताल पर हैं। बुधवार को हड़ताल का दूसरा दिन है।
कर्मचारियों ने धपली बजाते रैली निकाली। “कर्मचारी एकता जिंदाबाद” और “हमारा हक दो” के नारों से हवा गूंजी। दीपावली जैसे त्योहार से पहले गंदगी का यह आलम लोगों को परेशान कर रहा। नगर परिषद की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
हड़ताल ने नगर को कचरे के ढेर में बदल दिया। मुख्य बाजार, वार्डों और गलियों में कूड़ा जमा हो गया। दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “दुकानें साफ नहीं हो रही। ग्राहक भाग रहे। दीपावली में तो सफाई जरूरी थी।”
कर्मचारियों ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि दो महीने का वेतन अटका है। मांगों पर कोई बातचीत नहीं। परिवार चलाना दूभर हो गया। “बच्चों के कपड़े, त्योहार का खर्च कहां से लाएं?” एक सफाईकर्मी ने दर्द बयां किया।
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बुधवार को कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। धपली बजाकर रैली निकाली। नारों से नगर गुंजा। लेकिन विवाद तब बढ़ा जब परिषद ने दीपक राठौर को कचरा वाहन देकर सफाई के लिए भेजा। हड़ताली कर्मचारियों ने रोक लिया।
“यह हमारा काम है, बीच में मत घुसो,” उन्होंने कहा। दीपक को लौटना पड़ा। इससे साफ है कि हड़ताल का असर गहरा है। नगर परिषद ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कर्मचारी संगठन ने चेतावनी जारी की।
संगठन ने तीन मुख्य मांगें रखीं। पहली, 2018 से अब तक का ईपीएफ जमा कराना। दूसरी, दो महीने का बकाया वेतन तुरंत भुगतान। तीसरी, हर महीने 15 तारीख तक नियमित वेतन और सफाई उपकरण उपलब्ध कराना।
कर्मचारियों ने कहा, “मांगें मानी गईं तो काम पर लौटेंगे। वरना अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।” मंगलवार-बुधवार दो दिन सफाई रुकी, जिसके बाद शहर में जगह- जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। दीपावली नजदीक है, बढ़ते कचरे के ढेरों से आ रही बदबू से नगरवासी परेशान हैं।