Cough Syrup Case : इंदौर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में जहरीले कफ सिरप पीने से 23 मासूम बच्चों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में मंगलवार को इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को ‘नरभक्षी’ करार देते हुए उनका तत्काल इस्तीफा मांगा। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के पुतले पर नरमुंडों की माला चढ़ाकर सांकेतिक विरोध जताया। यह प्रदर्शन रीगल चौराहे पर आयोजित किया गया।
जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यवाहक अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने बताया कि कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप में मिले जहरीले रसायनों ने अब तक 23 बच्चों की जान ले ली। यह सिरप तमिलनाडु की एक कंपनी द्वारा बनाया गया था।
जांच में पाया गया कि इसमें स्याही और पेंट में इस्तेमाल होने वाले इंडस्ट्रियल ग्रेड के केमिकल्स डाले गए थे। कंपनी के खिलाफ 350 से ज्यादा खामियां सामने आई हैं। लाइसेंस निलंबित हो चुका है। लेकिन सरकार की लापरवाही ने इस संकट को बढ़ावा दिया।
खंडेलवाल ने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद मंत्री इस्तीफा नहीं दे रहे। यह सरकार लाशों पर राजनीति कर रही है। संवेदनाएं मर चुकी हैं। छिंदवाड़ा में 18 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई, जबकि बैतूल में कम से कम दो और मामले दर्ज हैं।
सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंच चुका है। वहां सीबीआई जांच की मांग की गई है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिया, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया गया, जो बच्चों को यह सिरप लिखते थे।
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प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने नारे लगाए – ‘राजेंद्र शुक्ला इस्तीफा दो, मासूमों का कत्लर हो!’। कांग्रेस का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी की कमी से यह हादसा हुआ। अन्य जिलों में भी सिरप जब्ती अभियान चल रहा है। विपक्ष ने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने का ऐलान किया है।