Bhavantar Yojana : राजगढ़। मध्य प्रदेश में सरकार के द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए भावांतर योजना चलाई जा रही है। इस योजना के लिए किसान 17 अक्टूबर 2025 तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। राजगढ़ जिले में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों का पंजीयन तेजी से जारी है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिला प्रशासन किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचा रहा है। आइये जानते हैं भावांतर योजना क्या है और इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
अब तक 11,902 किसानों ने कराया पंजीयन
जानकारी के मुताबिक, अब तक राजगढ़ जिले में कुल 11,902 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। इनमें नरसिंहगढ़ में 3,650, पचोर में 1,802, जीरापुर में 1,368, सारंगपुर में 1,372, सुठालिया में 975, राजगढ़ में 655, ब्यावरा में 835, खिलचीपुर में 711 और खुजनेर में 534 किसान शामिल हैं।
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे गांव-गांव जाकर शेष पात्र किसानों को योजना की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक किसान भावांतर योजना का लाभ उठा सकें।
क्या है भावांतर योजना ?
मध्य प्रदेश के किसानों को उनके उत्पाद का सही दाम दिलवाने के लिए सरकार के द्वारा भावांतर योजना चलाई जा रही है। यह योजना मुख्य रूप से सोयाबीन किसानों के लिए है। जिससे किसनों को सोयाबीन का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके।
सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य
केंद्र सरकार के द्वारा सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। यानी किसानों को उनकी फसल का इतना दाम तो मिलेगा ही। पहले सरकार के द्वारा गेहूं और का उत्पादन करने वाले किसानों को भी सही दाम दिलाने के लिए प्रयास किए गए हैं। अब सोयाबीन उत्पादन करने वाले किसानों पर मध्य प्रदेश सरकार विशेष फोकस कर रही है।
भावांतर योजना के लिए रजिस्ट्रेशन
योजना के लिए सोयाबीन उत्पादन करने वाले किसान बढ़-चढ़कर रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन 3 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं जो 17 अक्टूबर तक किये जायेंगे। इस योजना के अंतर्गत किसान 24 अक्टूबर 2025 से लेकर 15 जनवरी 2026 तक लाभ ले पाएंगे। योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था ग्राम स्तर पर जनपद पंचायत, तहसील, कार्यालय के माध्यम से की जा रही है।
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पंजीकरण के बाद होगा सत्यापन
योजना का लाभ पात्र किसानों को मिले इसके लिए सरकार के द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया भी की जाएगी। राजस्व विभाग के द्वारा जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया होगी। इसके बाद लाभ की राशि किसानों के खाते में भेजी जाएगी। योजना के लिए निशुल्क रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है।