Betul Accident : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के बोर्देही थाना क्षेत्र में मंगलवार अलसुबह एक ऐसी घटना घटी, जो हर किसी के दिल को चीर देगी। दीपा मंडई रेलवे गेट के पास जननी 108 एम्बुलेंस के पलटने से नवजात शिशु की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में नवजात की मां कलस्या बाई, उनकी मां और सास घायल हो गईं।
एम्बुलेंस में सवार परिवार अस्पताल जा रहा था, लेकिन तेज रफ्तार और अंधेरे ने सब कुछ तबाह कर दिया। नवजात एक घंटे तक पलटे वाहन में फंसा रहा, और जब उसे निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह हादसा न केवल एक परिवार का गहरा आघात है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
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डिलीवरी के बाद अस्पताल का सफर बना काल
मंगलवार की अलसुबह, जब सूरज की पहली किरणें भी न निकली थीं, दीपा मंडई गांव के निवासी दिलीप इवनाती का परिवार अस्पताल की ओर बढ़ा। दिलीप की पत्नी कलस्या बाई ने घर पर ही डिलीवरी की थी और नवजात शिशु व जच्चा-बच्चा को बोर्देही अस्पताल ले जाने के लिए जननी 108 एम्बुलेंस बुलाई गई। वाहन में कलस्या बाई, नवजात शिशु, उनकी मां और सास सवार हुईं। सुबह करीब पांच बजे एम्बुलेंस दीपा मंडई रेलवे गेट के पास पहुंची, जहां अचानक हादसा हो गया।
ड्राइवर की तेज रफ्तार और घाटी के मोड़ ने एम्बुलेंस को नाली में गिरा दिया। वाहन पलट गया, और अंदर सवार लोग चीखने लगे। दिलीप, जो बाइक से एम्बुलेंस के पीछे-पीछे चल रहा था, ने दौड़कर वाहन रोका। उसने पत्नी कलस्या बाई और सास को बाहर निकाला, लेकिन नवजात शिशु सीट के नीचे दब गया।
अंधेरे में एक घंटे तक उसे ढूंढा गया, लेकिन जब मिला, तब तक उसकी जान जा चुकी थी। दिलीप ने बताया, “एम्बुलेंस बहुत तेज चल रही थी। घाटी में ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाया, वाहन स्लिप हो गया। हमने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर हो गई।” यह दृश्य इतना भयावह था कि गांव वाले भी सदमे में हैं।
बाइक सवार को बचाने से स्लिप
हादसे के बाद एम्बुलेंस के पायलट ओंकार ने सफाई दी कि एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में ब्रेक लगाने पर वाहन स्लिप हो गया। उसने कहा, “मैंने घर पहुंचकर देखा तो बच्चा पहले से ही मृत लग रहा था। परिजनों ने कहा अस्पताल ले चलो, वहां पता चलेगा।” लेकिन दिलीप और परिजनों का कहना है कि बच्चा जीवित था।
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आमला बीएमओ डॉ. अशोक नरवरे ने बताया कि विवाद के कारण नवजात का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के समय वह जिंदा था या पहले से मृत। डॉ. नरवरे ने कहा, “प्रसूता कलस्या बाई की कमर में हल्की चोट है, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है। सभी घायलों को आमला सिविल अस्पताल शिफ्ट किया गया है।”
घायलों को पहले बोर्देही अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने में देरी और एम्बुलेंस की स्थिति ने परिवार को और परेशान किया। दिलीप ने रोते हुए कहा, “बच्चा हमारा पहला संतान था। अगर एम्बुलेंस धीरे चलती, तो शायद सब बच जाता।” पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है, और वाहन की जांच शुरू कर दी है।