MP Crime News : शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है, जो न केवल एक परिवार को बर्बाद कर गई, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है। एक बेटे का पल भर का गुस्सा उसके अपने पिता की जिंदगी छीन ले गया। मामला जमुआ गांव का है, जहां वृद्ध सुदामा बैगा ने घर पर चिकन बनाया था। लेकिन जब बेटे करण बैगा ने उसे खाने की जिद की और पिता ने मना कर दिया, तो विवाद इतना भड़क गया कि करण ने पास पड़ा डंडा उठा लिया और पिता पर वार करना शुरू कर दिया। सिर पर लगी गंभीर चोटों से सुदामा बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 28 सितंबर 2025 को हुई, जब परिवार के बीच छोटी-सी बात ने खूनी रूप ले लिया।
चिकन के एक टुकड़े ने बिगाड़ दिया सबकुछ
सोहागपुर के जमुआ गांव में रहने वाले सुदामा बैगा एक साधारण किसान थे। उम्र के इस पड़ाव पर वे अपने छोटे-छोटे सुखों में गुजारते थे। एक दिन उन्होंने घर पर चिकन बनाया, शायद किसी विशेष अवसर पर या बस स्वाद के लिए। उनका बेटा करण बैगा, जो परिवार से अलग रहता था और अपना खाना खुद बनाता था, अचानक पिता के बने चिकन पर नजर पड़ गई।
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करण ने जिद पकड़ ली कि उसे चिकन खाना है लेकिन सुदामा ने साफ मना कर दिया। वजह जो भी रही हो—शायद चिकन पहले से ही खत्म हो चुका था या पिता ने कोई और तर्क दिया—लेकिन यह इनकार करण के गुस्से का कारण बन गया।
विवाद शब्दों से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही हाथापाई में बदल गया। करण, जो शायद उस पल में क्रोध के आवेश में था, ने पास में रखा डंडा उठा लिया। सुदामा ने शायद रोकने की कोशिश की, लेकिन बेटे का गुस्सा रुकने का नाम न ले सका। डंडे के बार-बार वार से सिर फट गया और खून से सन सुदामा जमीन पर गिर पड़े।
पड़ोसी बताते हैं कि चीखें सुनकर वे दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुदामा की सांसें थम चुकी थीं। परिवार के अन्य सदस्यों का रोना-धोना देखकर गांव में सन्नाटा छा गया। यह नजारा किसी को भी झकझोर दे, जहां बेटा अपने पिता का खून बहा रहा हो।
गुस्से ने छीनी पिता की सांसें
घटना के चश्मदीदों के मुताबिक, करण का गुस्सा इतना तीव्र था कि उसे अपने कृत्य का अहसास भी न हुआ। डंडे से पहला वार सिर पर ही लगा, जिससे खोपड़ी फट गई। सुदामा ने दर्द से कराहते हुए बेटे को रोकने की कोशिश की, लेकिन करण रुका नहीं। लगातार वारों से सुदामा की हालत नाजुक हो गई।
खून की धार बहने लगी, और कुछ ही मिनटों में उनकी आंखें बंद हो गईं। करण को भी शायद बाद में होश आया, लेकिन तब तक पिता का शव ठंडा पड़ चुका था।
परिवार में यह विवाद नया नहीं था। पड़ोसी कहते हैं कि करण और सुदामा के बीच कभी-कभार छोटे-मोटे झगड़े होते रहते थे, लेकिन कभी सोचा न था कि यह जिद इतनी घातक साबित होगी। सुदामा बैगा आदिवासी समुदाय से थे।
आरोपी बेटे पर कसा शिकंजा
घटना की जानकारी मिलते ही सोहागपुर थाने की पुलिस टीम गांव पहुंची। थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने मौके का मुआयना किया। सुदामा का शव बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण सिर की चोटें बताई गई हैं। आरोपी करण बैगा को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में करण ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
थाना प्रभारी ने बताया, “चिकन न मिलने की छोटी-सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने पिता की हत्या कर दी। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है। परिवार के बयान दर्ज हो चुके हैं, और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”