Shelter Homes Shortage : रायसेन। मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्ट्रीट डॉग के आतंक की शिकायत मिलने के बाद रायसेन शहर में नगर पालिका कर्मचारियों ने एक दर्जन से अधिक कुत्तों को पकड़ लिया है। लेकिन प्रदेश के अधिकतर शहरों में अब तक ऐसा कोई शेल्टर होम नहीं है। जहां कुत्तों को रखा जा सके। जिसके चलते संबंधित प्रशासन आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने में असमर्थ है। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने सड़कों पर घूम रहे खूंखार आवारा कुत्तों और रैबीज-संक्रमित कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया था।
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जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के 99 नगर पालिका परिषद, 16 नगर निगम और करीब 298 नगर परिषद में से किसी के पास भी शेल्टर होम नहीं है। भोपाल में 4, ग्वालियर और जबलपुर में सिर्फ 1-1 शेल्टर होम है। ऐसी स्थिति में निगम प्रशासन आवारा डॉग्स को पकड़कर शेल्टर होम में रखने में असमर्थ नजर आ रहा है।
रायसेन सिटी कॉलोनी निवासी ने बताया कि “इन कुत्तों को हमने अपने बच्चों की तरह पाला है, इनका ख्याल रखा है ये आवारे कुत्ते किसी को काटते भी नहीं है।इसके बावजूद इनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है, जो हमें दुखी कर रहा है।”
रायसेन नगर पालिका की मुख्य अधिकारी सुरेखा जाटव ने कहा कि “शहर में आवारा कुत्तों के आतंक की कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। आवारा कुत्ते लोगों को परेशान कर रहे थे और राहगीरों के लिए खतरा बन रहे थे।”