Morena Madrasa News : मुरैना। मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों को इस्लामिक तालीम देने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है, खासकर जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अगस्त 2024 को स्पष्ट कहा था कि “मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चे नहीं पढ़ेंगे।” फिर भी मुरैना जिले के 55 मान्यता प्राप्त मदरसों में 556 हिंदू बच्चे मुस्लिम छात्रों के साथ बैठकर उर्दू और दीन की तालीम ले रहे हैं। कुल 2,514 छात्रों में 1,958 मुस्लिम हैं।
मुरैना जिले में 55 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं, जहां कुल 2,514 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें 1,958 मुस्लिम और 556 हिंदू बच्चे हैं। NCPCR की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू बच्चों को उर्दू के साथ इस्लामिक तालीम दी जा रही है, जो धार्मिक रूपांतरण का खतरा पैदा कर सकती है।
16 अगस्त 2024 को CM मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में कोई हिंदू बच्चा मदरसे में शिक्षा नहीं लेगा।” लेकिन 2025 में भी 9,417 हिंदू बच्चे (राज्य स्तर पर) मदरसों में हैं। NCPCR ने 14 जून 2024 को पत्र लिखा, और मुख्य सचिव को दिल्ली तलब किया। आयोग ने मिशनरी आश्रमों (56 आश्रम, 30 स्कूल) और एनजीओ की जानकारी मांगी, जहां 1,000 HIV पीड़ित बच्चे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने भी इस बात को स्वीकार किया कि मुरैना में 55 मदरसों में 556 हिंदू बच्चे अध्ययनरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये बच्चे किन वजहों से यहां पढ़ रहे हैं, इसके लिए जांच समिति बनाई गई है। जांच टीम जाकर इस पूरे मामले की जांच प्रतिवेदन पेश करेगी उसके बाद में कोई कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मदरसों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है. एक वजह यह भी हो सकती है कि निशुल्क शिक्षा का लाभ लेने के लिए हिंदू बच्चों को भी मदरसों में दाखिला करवा दिया गया है। मदरसों में दीन (धर्म) की शिक्षा के साथ-साथ मॉर्डन शिक्षा पर भी जोर दी जा रही है।