Lata Mangeshkar Samman 2025 : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जन्मभूमि में नवरात्रि (27 सितंबर 2025) की धूम के बीच राज्य का प्रतिष्ठित लता मंगेशकर अलंकरण समारोह शनिवार (27 सितंबर) से शुरू हो रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय समारोह में संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए चर्चित तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान और पार्श्व गायक सोनू निगम को विशेष सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार (28 सितंबर) को लता मंगेशकर सभागार में पुरस्कार वितरण करेंगे। समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी करेंगे। आइये जानते है किसने की थी इस सम्मान की शुरुआत…।
शनिवार संगीत संध्या रविवार पुरस्कार वितरण
समारोह का शुभारंभ शनिवार शाम 7 बजे होगा। प्रथम दिवस ‘अमर लता हमारी लता… सुगम-संगीत संध्या’ में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। प्रमुख कलाकार: सृष्टि जगताप, निष्ठा कंडारा, शुभ्रा अग्निहोत्री, मानसी पांडे, साना जैन, गुरुषा दुबे, स्वरांश पाठक, कार्तिक जोशी, अपर्णा सेन, सनाया दहाले, मोना ठाकुर और हर्षद शेंवगांवकर।
रविवार को मुख्य कार्यक्रम होगा, जहां पार्श्व गायक अंकित तिवारी और उनकी टीम गीत-संगीत की महफिल सजाएंगे। समागम में प्रवेश निःशुल्क है और संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने आमंत्रित किया।
बॉलीवुड की मशहूर तिकड़ी
शंकर-एहसान-लॉय – शंकर महादेवन, एहसान नूरानी और लॉय मेंडोसा की तिकड़ी – बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय संगीत निर्देशक हैं। 1998 में ‘मिशन कश्मीर’ से डेब्यू करने वाली यह तिकड़ी ‘दिल चाहता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘रॉकेट सिंह’, ‘मुंबई मिरर’ जैसी फिल्मों के लिए सदाबहार धुनें रचीं।
उनके गाने जैसे ‘दिल चाहता है’, ‘कल हो ना हो’, ‘प्यार ब्रह्मा हो गया’ आज भी युवाओं के दिलों में बसते हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से सम्मानित होकर वे लता जी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे।
सोनू निगमभावुक गीतों के बादशाह
सोनू निगम बॉलीवुड के सबसे वर्सेटाइल पार्श्व गायकों में शुमार हैं। ‘दिल है कि माने ना’, ‘तुम बिन’, ‘अब तुझे कोई रुलाएगा नहीं’, ‘संदेसे तो हम लाए थे’ जैसे सुपरहिट्स से प्रसिद्धि पाई। लता मंगेशकर के प्रशंसक सोनू ने उनके कई गीतों को श्रद्धांजलि दी। यह सम्मान उनके योगदान का सम्मान है।
लता मंगेशकर अलंकरण का महत्व
लता मंगेशकर अलंकरण 2002 से इंदौर में आयोजित होता है, जो संगीतकारों को सम्मानित करता है। लता जी (1929-2022) इंदौर की गलियों से निकलीं और यह समारोह उनकी स्मृति में है। 2024 में अनुराधा पौडवाल और पंडित जसराज को सम्मानित किया गया। इस साल की तिकड़ी और सोनू निगम से समारोह चमकेगा।
किसने की थी इसकी शुरुआत
मध्य प्रदेश सरकार ने 1984 में संगीत के क्षेत्र में कलात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए लता मंगेशकर सम्मान की शुरुआत की थी। यह पुरस्कार लता मंगेशकर की जयंती पर प्रतिवर्ष दिया जाता है। इस पुरस्कार में एक योग्यता प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार शामिल होता है।
संगीत निर्देशन व पार्श्व गायन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। यह पुरस्कार स्वर कोकिला लता मंगेशकर की संगीत के क्षेत्र में अमूल्य देन और उनके सम्मान में शुरू किया गया था।