Sehore Railway Overbridge Dispute : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को लेकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ब्रिज के एक तरफ ही सर्विस लेन बना रहा है, जिससे आवागमन बाधित होगा और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा।
कई बार जिला अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर निराश निवासियों ने बुधवार (24 सितंबर 2025) को मां दुर्गा मंदिर में जाकर पंडित जी को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि ब्रिज के दोनों तरफ एप्रोच रोड (सर्विस लेन) बने। अब वे कलेक्टर को आखिरी चेतावनी देकर हाईकोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं।
एक तरफा सर्विस लेन से आवागमन की मुश्किल
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सीहोर शहर का एक प्रमुख आवासीय क्षेत्र है, जहां 5,000 से ज्यादा परिवार रहते हैं। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 2023 से चल रहा है, जिसका उद्देश्य रेल क्रॉसिंग को बंद कर ट्रैफिक सुगम बनाना था। लेकिन ठेकेदार (जो रेलवे के पैनल में है) ब्रिज के एक तरफ ही सर्विस लेन बनाने पर अड़ा हुआ है।
निवासियों का कहना है कि इससे कॉलोनी की मुख्य सड़क से कनेक्टिविटी टूट जाएगी। एक निवासी ने बताया, “ब्रिज के एक तरफ लेन बनेगी, तो दूसरी तरफ वाहन कैसे पहुंचेंगे? दुर्घटनाएं निश्चित हैं।”
निवासियों ने कई बार एसडीएम, कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन दिए, लेकिन ठेकेदार का डिजाइन बदला नहीं गया। एक पूर्व अधिकारी ने कहा, “रेलवे का कहना है कि बजट की कमी है, लेकिन कॉलोनी वालों की सुरक्षा का क्या?” विवाद के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है, और कॉलोनी में ट्रैफिक जाम बढ़ गया है।
मां दुर्गा अधिकारियों को ‘सद्बुद्धि दो
निराशा में निवासियों ने बुधवार को सीहोर के प्रसिद्ध मां दुर्गा मंदिर में जाकर पंडित जी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा, “अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए मां से प्रार्थना की। ब्रिज दोनों तरफ एप्रोच रोड के बिना अधूरा है।”
मंदिर में आरती के बाद पंडित जी ने आशीर्वाद दिया और कहा, “मां दुर्गा न्याय की रक्षा करेंगी।” इस कदम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोग इसे ‘जनता का आखिरी सहारा’ बता रहे हैं। कॉलोनी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा, “ज्ञापन निष्फल रहा, अब मां दुर्गा ही न्याय देंगी।”
हाईकोर्ट जाने की योजना
निवासियों ने कलेक्टर को अंतिम ज्ञापन सौंपा है, और यदि 7 दिनों में समाधान न हुआ तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। आरडब्ल्यूए ने कहा, “ओवरब्रिज की डिजाइन शुरू से ही गलत थी।
रेलवे और ठेकेदार की मनमानी से जनता परेशान है।” विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों तरफ एप्रोच रोड अनिवार्य है, वरना सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होगा। कलेक्टर ने कहा, “मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द समाधान निकलेगा।”