Rajgarh News : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में जीरापुर थाना पुलिस ने सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार रात को मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर 8 आरोपियों को धर दबोचा गया, और उनके कब्जे से 18,820 रुपये नगद बरामद किए गए। यह सट्टा का जाल लंबे समय से इलाके में फैला हुआ था, जो मुख्य संचालक रामबाबू दांगी के इशारे पर चल रहा था। रामबाबू को भी आरोपी बनाकर उसके खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 49 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुखबिर टिप से पर्दाफाश
जीरापुर थाना क्षेत्र में सट्टा का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा था। मुखबिर की गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस ने सोमवार रात को दबिश दी। छापे में टीम ने सट्टा बाजी के 8 खिलाड़ियों को पकड़ लिया, जो नगदी के साथ जुआ खेल रहे थे। जांच में पता चला कि ये सभी रामबाबू दांगी के लिए काम कर रहे थे, जो सट्टा का मास्टरमाइंड है।
रामबाबू ने अभी तक गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की है, लेकिन उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने बताया कि सट्टा का यह नेटवर्क राजस्थान के अकलेरा तक फैला हुआ था, और इसमें स्थानीय युवा भी लिप्त थे। गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है, ताकि सट्टा का कोई नया जाल न बने।
गिरफ्तार आरोपियों की पूरी लिस्ट:
पुलिस ने सट्टा के इन 8 शातिरों को धर पकड़ा है, जिनमें राजस्थान के दो खिलाड़ी भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
कमलेश राठौर (अकलेरा, राजस्थान निवासी)
राकेश गोस्वामी (अकलेरा, राजस्थान निवासी)
चम्पालाल दांगी (जीरापुर निवासी)
मांगीलाल शाह (जीरापुर के आसपास की कॉलोनी से)
रामगोपाल वर्मा (जीरापुर निवासी)
शोकत (जीरापुर के आसपास की कॉलोनी से)
पूनमचंद मालवीय (जीरापुर निवासी)
हजारीलाल दांगी (जीरापुर के आसपास की कॉलोनी से)
ये सभी लंबे समय से सट्टा का कारोबार चला रहे थे, और जब्त नगदी इसी धंधे की कमाई थी। रामबाबू दांगी को फरार घोषित कर तलाश जारी है। पुलिस ने उनके मोबाइल और अन्य सामान जब्त कर पूछताछ की है।
स्थानीय दुकानदार और निवासियों ने बताया कि युवा पढ़ाई-काम छोड़कर जुए में डूबे जा रहे थे, जिससे परिवार टूट रहे थे। यह धंधा इलाके को बर्बाद कर रहा था। लोगों ने पुलिस की तारीफ की, लेकिन मांग की है कि सट्टा पर हमेशा नजर रखी जाए। एसपी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी कार्रवाइयां नियमित होंगी।