Heated Argument between CEO and BJP leaders in Betul Video Viral : मध्य प्रदेश। बैतूल जिले के चिचोली जनपद में महिला सीईओ और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। जनपद परिसर में दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान नेताओं ने गंदगी पर आपत्ति जताई, तो सीईओ ने कार्यक्रम रोक दिया। बात इतनी बढ़ी कि एक – दूसरे को धमकियां देने लगे। घटना का लोगों ने वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अब कांग्रेस ने महिला अधिकारी को डराने-धमकाने का आरोप लगाकर मामला और गरमा दिया है। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़ा की बताई जा रही है।
ये है पूरा मामला
पूरा मामला 17 सितंबर का है। भाजपा नेता सेवा पखवाड़ा मनाने जनपद परिसर पहुंचे थे। वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रहे थे, तभी सीईओ प्रतिभा जैन वहां आ धमकीं। उन्होंने साफ-साफ कहा, “यह जनपद का परिसर है, यहां कार्यक्रम करने का अधिकार सिर्फ जनपद को है, नगर परिषद को नहीं।”
भाजपा नेताओं को यह रवैया नागवार गुजरा। उन्होंने मूर्तियों और मंदिर परिसर में गंदगी पर सवाल उठाए, जिससे बहस और तेज हो गई। वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
Betul Murder Case : हेल्पर की बेरहमी से हत्या, मिलानपुर रोड पर संदिग्ध हालत में मिला शव
विवाद में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल कुशवाह, पार्षद बाली मालवीय, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमन आवलेकर, नगर परिषद अध्यक्ष वर्षा मालवीय, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष शंकर चढ़ाकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष पति संजय आवलेकर जैसे कई नेता शामिल थे।
नेताओं ने सीईओ को हटवाने और चिचोली शहर बंद करने की धमकी तक दे डाली। दो दिन तक वीडियो दबा रहा, लेकिन वायरल होने पर कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने एसडीएम अभिजीत को भेजकर दोनों पक्षों में सुलह कराई।
Betul Suicide Case : दुआओं में याद रखना… प्रेम प्रसंग में होटल संचालक ने की आत्महत्या
दो दिन बाद 19 सितंबर को सीईओ प्रतिभा जैन ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “यह 17 सितंबर की घटना है। जनपद कार्यालय में तीन प्रतिमाएं हैं – दीनदयाल उपाध्याय, गांधी और अंबेडकर। नगर परिषद के जनप्रतिनिधि माल्यार्पण करने आए थे।
उनका कहना था कि व्यवस्था नहीं थी, लेकिन हमें पहले कोई सूचना नहीं मिली, इसलिए तैयारी नहीं हो पाई। हमारा कार्यक्रम पंचायत क्षेत्रों में था। यह सिर्फ कंफ्यूजन का मामला था। बाद में चर्चा से समाधान निकाल लिया गया, अब कोई समस्या नहीं।”
वहीं, पार्षद बाली मालवीय ने माना कि गलतफहमी हुई थी। उन्होंने बताया, “सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहा है। हम मूर्तियों की सफाई करने पहुंचे थे। पुरानी मालाएं और बीट देखकर हमने नाराजगी जताई कि सफाई क्यों नहीं हुई। कर्मचारी सीईओ को सूचना नहीं दे पाए। दोनों पक्षों ने गलती मानी, अब सब ठीक है।”
लेकिन कांग्रेस ने इस मामले को लपक लिया। नगर परिषद चिचोली वार्ड 15 की पार्षद नेहा रूपेश आर्य ने बैतूल कलेक्टर को पत्र लिखकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई मांगी। पत्र में उन्होंने लिखा कि भाजपा नेताओं ने महिला सीईओ पर अनावश्यक दबाव बनाया, उन्हें घेरकर डराने-धमकाने की कोशिश की। वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला कर्मचारियों ने सीईओ को अंदर ले जाकर बचाया।
नेहा ने सवाल उठाए – क्या कार्यक्रम की सूचना सीईओ को दी गई थी? सीईओ के कक्ष में टेबल पर थूकने और अभद्र भाषा का प्रयोग किसने किया? सीईओ ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी थी, लेकिन जांच किस स्तर पर हुई? कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेता महिला अधिकारी को धमका रहे थे, जो सरकारी कामकाज में बाधा है।