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Jabalpur News : अभी कुछ नहीं हुआ, जो होना है वो अब होगा…पूर्व मेयर सड़क पर ट्रैफिक पुलिस से भिड़े

Clash Between Former Mayor and Traffic Police Jabalpur News

Clash Between Former Mayor and Traffic Police Jabalpur News : मध्य प्रदेश। जबलपुर के बलदेव बाग चौराहे पर पूर्व भाजपा मेयर प्रभात साहू का एक ट्रैफिक आरक्षक से जोरदार टकराव हो गया। घटना के बाद पूर्व महापौर के समर्थकों ने मौके पर ही धरना देकर सड़क जाम कर दिया। जिससे तनाव का माहौल पैदा हो गया।

गुरुवार रात पूर्व महापौर प्रभात साहू अपनी एक्टिवा स्कूटी पर आगा चौक की ओर जा रहे थे। तभी अचानक एक ट्रैफिक आरक्षक ने उन्हें हेलमेट चेकिंग के लिए रोक लिया। शुरू में तो यह रूटीन चेक लग रहा था, लेकिन जल्द ही बातें बिगड़ गईं। दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जो देखते-देखते हाथापाई तक पहुंच गई।

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प्रभात साहू के समर्थकों का दावा है कि आरक्षक ने उनके नेता के साथ बदसलूकी की, जिससे गुस्सा भड़क उठा। दूसरी तरफ, आरक्षक ने मौके से फौरन गायब हो जाना चुना, शायद विवाद को और बढ़ने से बचाने के लिए। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी – समर्थक भूखे शेरों की तरह इकट्ठा हो चुके थे!

जैसे ही खबर फैली, भाजपा के कार्यकर्ता और प्रभात साहू के वफादार समर्थक बड़ी तादाद में बलदेव बाग चौराहे पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की – “पुलिस हाय-हाय” के नारे गूंजने लगे। गुस्से में आग बबूला होकर वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। चौराहा जाम! ट्रैफिक ठप! शहरवासी परेशान, गाड़ियां रेंग रही थीं और हॉर्न की आवाजें आसमान छू रही थीं।

स्थिति इतनी नाजुक हो गई कि भारी पुलिस फोर्स को तैनात करना पड़ा। एडिशनल एसपी अंजना तिवारी ने मीडिया से कहा, “अभी इस पर कुछ नहीं बोल सकतीं।” लेकिन सड़क पर तनाव का माहौल इतना गाढ़ा था कि लग रहा था, किसी भी पल कुछ बड़ा हो सकता है।

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इसी बीच, राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। भाजपा विधायक अभिलाष पांडे और सांसद आशीष दुबे भी दौड़े-दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया, शांत करने की पूरी कोशिश की। आश्वासन दिया कि मामला सुलझेगा, न्याय होगा। पूर्व मेयर प्रभात साहू खुद भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने संयम बरता।

उन्होंने कहा, “अभी कुछ नहीं हुआ है, अब जो होना होगा वो होगा।” उनके शब्दों में एक तरह का ठहराव था, लेकिन आंखों में आग साफ झलक रही थी। आखिरकार, पुलिस प्रशासन के प्रयासों से माहौल ठंडा पड़ा। कुछ घंटों बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वहां से लौट गए।

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