Vidisha Minor Rape Case : विदिशा। कुरवाई की अदालत ने डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कृत्य के आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पीड़िता के परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो घटना के बाद से सदमे में जी रहा था। घटना 12 नवंबर 2024 की सुबह की है, जब बच्ची की बुआ ने थाना पठारी में शिकायत दर्ज कराई।
बुआ ने बताया कि वह अपनी भाभी की डिलीवरी के कारण बच्ची को अपने गांव ले आई थी। सुबह करीब 8 बजे वह बर्तन साफ कर रही थी, जबकि बच्ची बरामदे में खेल रही थी। अचानक बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर बुआ दौड़ी, तो आरोपी बच्ची के साथ अपराध करते पकड़ा गया। आरोपी को देखते ही वह मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए पॉक्सो एक्ट (बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से सुरक्षा अधिनियम) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी विमलेश राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने साक्ष्य इकट्ठा किए, गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडिशनल डीपीओ मनीष कथोरिया ने कोर्ट में पैरवी की, जिन्हें सहायक उपनिदेशक जे.एस. तोमर का मार्गदर्शन मिला। अदालत ने साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
सजा अलग-अलग धाराओं में बांटी गई: बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की एक धारा में 10 साल, धारा 332(ए) में 1 साल, और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में 20-20 साल का कठोर कारावास। कुल मिलाकर, यह सजा आरोपी की जिंदगी को बर्बाद करने वाली साबित होगी।