Narmadapuram Farmers Protest: 100% मूंग खरीदी की मांग पर किसानों का महाघेराव, नर्मदापुरम में हजारों किसानों का प्रदर्शन
Narmadapuram Farmers Protest: नर्मदापुरम में 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर हजारों किसानों ने कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने, 10 घंटे बिजली और पूरी फसल MSP पर खरीदने की मांग करते हुए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
Narmadapuram Farmers Protest: नर्मदापुरम। नर्मदापुरम में किसानों का समर्थन मूल्य पर पूरी मूंग खरीदी की मांग को लेकर आंदोलन अब और तेज होता नज़र आ रहा है। कई दिनों से धरना और अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराने के बाद गुरुवार को हजारों किसान कमिश्नर कार्यालय के महाघेराव के लिए पहुंचे। किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
10 दिन के आंदोलन के बाद महाघेराव
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिले के किसान गुरुवार सुबह पीपल चौक पर एकत्र हुए। यहां धरना देने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने संभाग आयुक्त कार्यालय और कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कमिश्नर कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
किसान नेताओं ओमकार राजपूत और विनोद पाटिल ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से अब महाघेराव का निर्णय लिया गया है।
किसानों की तीन प्रमुख मांगें
किसानों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
- समर्थन मूल्य पर बिना किसी सीमा के 100% मूंग की खरीदी की जाए।
- ई-टोकन व्यवस्था खत्म कर पंजीयन और खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
- सिंचाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना कम से कम 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।
किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में प्रति एकड़ मूंग खरीदी की सीमा बहुत कम तय की गई है, जबकि उत्पादन इससे कई गुना अधिक हो रहा है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में बाजार में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है।
48 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भारतीय किसान संघ का कहना है कि पिछले दिनों किसान सद्बुद्धि यज्ञ, जल सत्याग्रह, भिक्षा मांगकर प्रदर्शन, थाली बजाकर विरोध और भजन-कीर्तन जैसे शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे में सरकार ने 100% मूंग खरीदी और अन्य मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।