Narmadapuram Cyber Scam: नर्मदापुरम में साइबर फ्रॉड बैंककर्मी बनकर KYC कराई, किसान से ठगे 82 हजार रुपए
Narmadapuram Cyber Scam: नर्मदापुरम में साइबर ठगी के दो मामलों में किसान और मजदूर से कुल 1.41 लाख रुपए ठग लिए गए। एक मामले में रिश्तेदार बनकर बारकोड से पैसे ऐंठे गए, जबकि दूसरे में बैंककर्मी बनकर KYC के नाम पर क्रेडिट कार्ड से रकम निकाली गई।
Narmadapuram Cyber Scam: नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले देखने को मिले हैं। जहाँ ठगों ने एक मजदूर और एक किसान को निशाना बनाकर कुल 1.40 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की है। एक तरफ ठग ने खुद को रिश्तेदार बताया और बारकोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए है। तोह वही दूसरी तरफ बैंककर्मी बनकर KYC अपडेट करने के नाम पर किसान से जानकारी ली गई और उसके क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाल लिए गए। साइबर सेल की जांच के बाद दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रिश्तेदार बनकर भेजा बारकोड, 58 हजार रुपए ट्रांसफर कराए
जानकारी के मुताबिक, पहला मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के आनंदनगर का है। यहां रहने वाले महेश सोनेले ने पुलिस को बताया कि वह एक निजी दुकान पर काम करते हैं। उन्होंने अपने बीमार भाई के इलाज के लिए 48 हजार रुपए जमा किए थे और 10 हजार रुपए उधार भी लिए थे।
5 जुलाई की रात करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को उनका रिश्तेदार 'शुक्ला जी' बताया। आरोपी ने कहा कि गलती से उसके खाते में 58 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए हैं और उसे वापस भेजना है।
इसके बाद आरोपी ने महेश के मोबाइल पर एक बारकोड भेजा। महेश ने उस बारकोड को स्कैन कर दिया और 58 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। अगले दिन जब उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली तो पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है।
बैंककर्मी बनकर KYC के नाम पर किसान को बनाया निशाना
वहीं दूसरा मामला माखननगर थाना क्षेत्र के तालकेशरी गांव का है। यहां रहने वाले किसान कौशिक हल्दार ने मई 2026 में बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाया था। 20 मई को उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड की KYC पूरी करने के लिए कुछ जानकारी और दस्तावेज चाहिए। आरोपी के कहने पर उन्होंने जरूरी जानकारी और OTP साझा कर दिया।
कुछ ही देर बाद उनके खाते से 20 हजार रुपए कट गए। इसके बाद उन्होंने बैंक से अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करा दिया। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। 23 जुलाई को उनके मोबाइल पर दो और ट्रांजेक्शन के मैसेज आए। इनमें 22 हजार और 40 हजार रुपए कटे थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामले की जांच की। ठगी की पुष्टि होने पर शुक्रवार रात पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
साइबर सेल ने कहा- अनजान कॉल पर भरोसा न करें
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रवीण मालवीय ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि अनजान नंबर से आने वाली कॉल या WhatsApp ऑडियो-वीडियो कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान APK या लिंक को डाउनलोड न करें। इसके अलावा OTP, बैंक खाते की जानकारी और जरूरी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल में भी सूचना दें।