हाइलाइट्स
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भोपाल में 1500 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन
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2 मार्च की रात शुभ मुहूर्त में होगा दहन
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पर्यावरण संरक्षण के लिए गोकाष्ठ को प्राथमिकता
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4 मार्च को शहर में होली के जुलूस और चल समारोह
Holi 2026 Bhopal : भोपाल। राजधानी भोपाल में होली पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष शहर में 1500 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन प्रस्तावित है। नगर निगम और जिला प्रशासन की निगरानी में सभी वार्डों में व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं।
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मुहूर्त के अनुसार होगा होलिका दहन
कई क्षेत्रों में परंपरागत रूप से निर्धारित मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाएगा, जबकि प्रमुख स्थलों पर देर रात शुभ समय में अग्नि प्रज्वलन होगा।
ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित वेब संगोष्ठी में देशभर के पंचांगकर्ताओं और ज्योतिषियों ने सर्वसम्मति से 2 मार्च की रात होलिका दहन और 4 मार्च को रंगोत्सव मनाने का निर्णय लिया है।
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संस्थान के संचालक पंडित विनोद गौतम के अनुसार, 2 मार्च की रात 2 बजे के बाद भद्रा पुच्छकाल समाप्त होने पर होलिका दहन किया जाएगा।

3 मार्च को ग्रहण सूतक, इसलिए नहीं होगा दहन
ज्योतिषियों के अनुसार 3 मार्च की रात पूर्णिमा समाप्त होकर प्रतिपदा तिथि लग जाएगी और ग्रहण का सूतक प्रभावी रहेगा। शास्त्रों में ग्रहणकाल की रात को दूषित माना गया है, ऐसे में उस दिन होलिका दहन को अशुभ फलदायी बताया गया है।
गोकाष्ठ से होगा होलिका दहन
इस वर्ष भी पर्यावरण संरक्षण और गोवंश संवर्धन को ध्यान में रखते हुए गोकाष्ठ से होलिका दहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दैनिक भास्कर समूह और गोकाष्ठ संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा शहर में 47 गोकाष्ठ विक्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
4 मार्च को निकलेगा होली चल समारोह
होली पर्व के अवसर पर 4 मार्च को शहर के पुराने और नए इलाकों में होली के जुलूस निकाले जाएंगे। दयानंद चौक, जुमेराती, करोद, कोलार, संत नगर और भेल क्षेत्र में रंग-गुलाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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हिंदू उत्सव समिति द्वारा दयानंद चौक से पारंपरिक होली चल समारोह निकाला जाएगा, जिसमें राधा-कृष्ण और भोलेनाथ की आकर्षक झांकियां शामिल रहेंगी।
सामाजिक समरसता के कार्यक्रम भी
कई वार्डों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समितियों द्वारा सर्वधर्म सहभागिता के साथ होलिका दहन की तैयारी की जा रही है। बीते वर्षों की तरह इस बार भी विभिन्न समुदायों की भागीदारी से सामाजिक सद्भाव और समरसता का संदेश दिया जाएगा।