हाइलाइट्स
- जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का बदला नाम।
- राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने रखी थी यह मांग।
- अब ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ से जानी जाएगी जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस।
Mukmati Express : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11701/11702) का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ कर दिया गया है। यह नामकरण जैन धर्म के महान आचार्य और राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर महाराज की स्मृति में किया गया है। ट्रेन का नया नाम उनकी विश्वप्रसिद्ध कृति ‘मूकमाटी’ से प्रेरित है।
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राज्यसभा सांसद की मांग पर फैसला
यह फैसला रेल मंत्रालय ने राज्यसभा सांसद माया नारोलिया की मांग पर लिया है। सांसद ने संसद के शीतकालीन सत्र में 9 दिसंबर 2025 को शून्यकाल के दौरान यह प्रस्ताव रखा था। उन्होंने मांग की थी कि ट्रेन का नाम आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम पर या उनकी पुस्तक ‘मूकमाटी’ के नाम पर किया जाए।
रेल मंत्रालय का आधिकारिक आदेश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मांग को गंभीरता से लिया और तुरंत निर्देश जारी किए। रेल मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि आचार्य विद्यासागर महाराज ने देश की आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा दी है।
उन्होंने सामाजिक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया है। इसी सम्मान में ट्रेन का नाम ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ रखा गया है। यह निर्णय लाखों श्रद्धालुओं और जैन समाज के लिए खुशी का मौका है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर समाज में उत्साह का माहौल है।
सांसद ने जताया आभार
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेन का नाम बदलना नहीं है। यह आचार्य विद्यासागर महाराज के विचारों, तपस्या और राष्ट्र के प्रति योगदान का सम्मान है।
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नया नाम आने वाली पीढ़ियों को महाराज के जीवन दर्शन और आध्यात्मिक संदेश से जोड़ेगा। यह फैसला सामाजिक-धार्मिक एकता और भारतीय मूल्यों को मजबूत करने वाला है।
जैन समाज ने फैसले का किया स्वागत
आचार्य विद्यासागर महाराज जैन समाज में बहुत सम्मानित हैं। उनकी पुस्तक ‘मूकमाटी’ को आध्यात्मिक जगत में महत्वपूर्ण माना जाता है। ट्रेन का नाम बदलने से यात्रियों को महाराज के संदेश की याद दिलाने का एक माध्यम मिलेगा।
रेल मंत्रालय ने बताया है कि जल्द ही ट्रेन के टिकट, बोर्डिंग पास और स्टेशन पर नए नाम की घोषणा और बोर्ड लगाए जाएंगे। जैन समाज और विभिन्न संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।