हाइलाइट्स
- MCU में छात्र भड़के परीक्षा रोकने पर NSUI का प्रशासन के खिलाफ़ हंगामा।
- NSUI के नेता पहुंचे विश्वविद्यालय, परिसर में हुआ हंगामा।
- सेमेस्टर परीक्षा में बैठने से रोके गए छात्रों की समस्याओं को लेकर उत्पात।
Bhopal MCU Controversy : भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) में छात्रों के बीच व्याप्त असंतोष ने बड़ा रूप ले लिया। सेमेस्टर परीक्षा में बैठने से रोके गए छात्रों की समस्याओं, शिक्षकों के कथित दुर्व्यवहार और कैंटीन पानी की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया।
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय पहुंचा और परिसर में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी। प्रतिनिधिमंडल ने कुलगुरु से मुलाकात कर शैक्षणिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मुद्दे उठाए।
कुलगुरु ने सभी पक्षों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि किसी छात्र के साथ पक्षपात नहीं होगा। साथ ही, शिक्षकों की शिकायतें सही पाई गईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद स्थिति शांत हो गई।
ये है हंगामे की वजह
छात्रों का मुख्य गुस्सा सेमेस्टर परीक्षा में शामिल न होने देने, शिक्षकों द्वारा मानसिक दबाव बनाने और अन्य शैक्षणिक मुद्दों पर था। NSUI नेताओं ने परिसर में नारेबाजी की और प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग की।
छात्रों में आक्रोश इतना था कि कुछ समय के लिए परिसर में हंगामा हो गया। NSUI प्रतिनिधिमंडल ने कुलगुरु के सामने सभी समस्याओं को विस्तार से रखा।
MP Cold Update : एमपी में कड़ाके की ठंड का दौर जारी, 25 शहरों में 10°C से नीचे पारा
कुलगुरु का आश्वासन
कुलगुरु ने छात्रों की बात ध्यान से सुनी और आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा। यदि शिक्षकों द्वारा दुर्व्यवहार या मानसिक दबाव की शिकायतें साबित हुईं तो गंभीर कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन से छात्र शांत हुए और हंगामा खत्म हो गया। कुलगुरु ने सभी मुद्दों को जल्द सुलझाने का वादा किया।
Bhopal News : रानी कमलापति स्टेशन के सामने लूटे महंगे फोन बरामद, दो शातिर आरोपी गिरफ्तार
कैंटीन पानी की लैब रिपोर्ट सौंपी
NSUI ने विश्वविद्यालय कैंटीन के पानी की लैब जांच रिपोर्ट भी कुलगुरु को सौंपी। रिपोर्ट में पानी के प्रदूषित होने की पुष्टि हुई है। संगठन ने इसे छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया और तत्काल सुधार के कदम उठाने की मांग की। प्रशासन ने इस पर भी ध्यान देने का भरोसा दिया।