MP Crime News : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। मालाखेड़ी रोड की रिवर व्यू कॉलोनी में तीसरी मंजिल के कमरे में 9 महीने की गर्भवती नवविवाहिता पूजा राजोरिया (उम्र करीब 22-23 साल) का शव फांसी पर लटका मिला। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उनकी डिलीवरी की तारीख 1 दिसंबर बताई जा रही थी, यानी सिर्फ चार दिन बाद बच्चे का जन्म होना था।
शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद मायके वाले शव लेकर सीधे कोतवाली थाने पहुंच गए और जोरदार हंगामा किया। उन्होंने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है। पूजा के भाई अमन राजोरिया और विक्की राजोरिया ने कहा कि उनकी बहन को शादी के बाद से ही कार की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
माता-पिता ने इसके लिए जमीन तक बेच दी थी, फिर भी ससुराल वाले नहीं माने। परिजनों ने पूछा कि 9वें महीने में इतनी भारी गर्भवती महिला तीसरी मंजिल पर अकेले कैसे गई और पांच फीट ऊंची जगह पर चढ़कर फांसी कैसे लगा ली?
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परिजनों का कहना है कि घटना के समय पूजा घर में पूरी तरह अकेली थी। अस्पताल पहुंचते ही ससुराल पक्ष के लोग शव छोड़कर भाग गए। मायके वालों ने थाने के सामने गाड़ी में शव रखकर करीब 10 मिनट तक प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। कोतवाली टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने आश्वासन दिया कि पूरी तरह जांच होगी, इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए।
दूसरी तरफ सास मधु मलैया ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शाम 4:30 बजे वह मोहल्ले की महिलाओं के साथ घूमने गई थीं। पति संगीत की क्लास में गए थे। घर पर सिर्फ पूजा अकेली थी।
शाम 6:30 बजे जब वह लौटीं तो ऊपर जाकर लाइट जलाने गईं और पूजा को फंदे पर लटका देखकर चीख पड़ीं। उन्होंने तुरंत बेटे पुरुषोत्तम मलैया और पति को फोन किया। सबने मिलकर पूजा को नीचे उतारा और अस्पताल ले गए।
सास ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल जाने के बाद जब वह घर पर अकेली थीं, तब मायके पक्ष के लोग आए और घर में तोड़फोड़ की। एलईडी टीवी फेंक दी, खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। डर के मारे पुलिस को बुलाना पड़ा और घर पर दो जवान तैनात किए गए। मायके वालों ने इन आरोपों को खारिज किया है।
अस्पताल के आरएमओ डॉ. गजेंद्र यादव ने बताया कि शाम करीब 6 बजे परिजन महिला को लेकर आए थे, लेकिन पहुंचते-पहुंचते वह पहले ही मर चुकी थी। शुक्रवार को दो डॉक्टरों की टीम ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम किया।
प्रथम दृष्टया फांसी का मामला लग रहा है, लेकिन फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। कमरा सील कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पूजा के पति पुरुषोत्तम उज्जैन की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और कुछ दिन पहले ही घर आए थे। फिलहाल मामले की गहन जांच चल रही है।