Latest

MP News : रुखसार बनी वंशिका, हिंदू प्रेमी से मंदिर में रचाई शादी, नवरात्रि में छुपकर जाती थी मंदिर

MP News

MP News : धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में एक मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म अपनाकर हिंदू युवक से वैदिक रीति से शादी कर ली। रुखसार नाम की युवती ने अपना नाम बदलकर वंशिका रख लिया। उसने श्री रामचरितमानस को जीवन का मार्गदर्शक बनाने का संकल्प लिया। यह शादी सोशल मीडिया की दोस्ती से प्यार में बदली। वंशिका के परिवार ने विरोध किया लेकिन उसकी जिद ने सब बदल दिया। मंगलवार को खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में यह विवाह संपन्न हुआ।

Bhopal News : भोपाल के पास 488 पेड़ों की अवैध कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की दलील खारिज, ASI को नोटिस

धार के धरमपुरी इलाके की रहने वाली वंशिका ने बताया कि बचपन से ही सनातन धर्म में उसकी गहरी रुचि थी। घर में अकेले बिंदी लगाती। साड़ी पहनकर घूमती। नवरात्रि के दौरान मंदिर जाकर मां दुर्गा के दर्शन करती। मां को यह सब पसंद नहीं था। वह हमेशा रोकती लेकिन वंशिका कहती, “मैं हिंदू ही बनूंगी। अगर कहीं और शादी हुई तो मर जाऊंगी।” परिवार ने उसकी इस जिद को गंभीरता से नहीं लिया। धीरे-धीरे समय बीता।

27 नवंबर को निकाह तय हुआ। वंशिका के परिवार ने उसकी बढ़ती सनातन रुचि देखी। फिर भी मुस्लिम रीति से निकाह तय कर दिया लेकिन वंशिका ने साफ मना कर दिया। वह तैयार नहीं हुई। सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती ने रास्ता दिखाया।

खंडवा के उंडेल गांव का विशाल राजपूत उसका दोस्त था। चैट से बातें बढ़ीं। प्यार हो गया। वंशिका ने फैसला लिया कि विशाल से ही शादी करेगी। परिवार को बताया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं। फिर भी वह अड़ी रही।

MP News : देश का पहला हाई-टेक वन्य जीव कैप्चर अभियान, हेलीकॉप्टर से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय

यह शादी हरिहर मिलन दिवस पर हुई। हरिहर मिलन का अर्थ है शिव-पार्वती का मिलन। यह दिन प्रेम और एकता का प्रतीक है। महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच फेरे लिए गए। वंशिका ने लाल साड़ी पहनी। मंगलसूत्र धारण किया।

मांग में सिंदूर भरा। विशाल ने वचन दिया कि जीवन भर साथ निभाएंगे। मंदिर के पुजारी ने आशीर्वाद दिया। विवाह में विशाल के परिवार वाले शामिल हुए। वंशिका के कुछ रिश्तेदार भी पहुंचे लेकिन ज्यादातर परिवार ने बहिष्कार किया।

Ujjain News : कार्तिक पूर्णिमा पर शिप्रा में लाखों श्रद्धालु ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर स्नान-दीपदान का महापर्व

शादी के बाद नवदंपति को श्री रामचरितमानस भेंट की गई। वंशिका ने किताब स्वीकार की। कहा, “मैं इसे रोज पढ़ूंगी। रामचरितमानस के अनुसार जीवन जियूंगी। भक्ति और धर्म का पालन करूंगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *