MP News : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में शनिवार रात और रविवार को हुई रिमझिम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पकी हुई धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी धान की बालियां आड़ी हो गईं। किसानों का कहना है कि कटाई में अब ज्यादा समय लगेगा। उत्पादन और दाने की क्वालिटी पर भी असर पड़ेगा।
बारिश के कारण धान का दाना पतला और हल्का होने की आशंका है। चमक खोने से बाजार में कीमत कम मिल सकती है। दीवानगंज के किसानों ने बताया कि इस सीजन धान की फसल अच्छी थी। समय पर दवाओं का छिड़काव हुआ। लेकिन बारिश और तेज हवाओं ने सब बिगाड़ दिया। किसान रामलाल ने कहा, “फसल तैयार थी। अब दाना पतला हो सकता है। चमक भी चली जाएगी।” कई जगह कटाई के लिए तैयार फसल भी भीग गई।
मौसम विभाग के अनुसार, हिंद महासागर में बने चक्रवात के कारण मौसम बदला। रायसेन सहित कई जिलों में 29 नवंबर तक बारिश का अनुमान है। सोमवार सुबह हल्की ठंड रही। आसमान में बादल और धूप दोनों दिखे। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि चक्रवात का असर अगले कुछ दिन रहेगा। हल्की बारिश और बूंदाबांदी संभव है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने किसानों को सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेतों में पानी जमा न होने दें। जल निकासी की व्यवस्था करें। लंबे समय तक पानी में रहने से दाना गिर सकता है। फफूंद का खतरा भी बढ़ेगा। बारिश थमने के बाद पकी फसल को जल्द कटवाएं। हार्वेस्टर या मजदूरों की मदद से फसल सुरक्षित स्थान पर रखें।
किसानों ने बताया कि बारिश से पहले फसल 30-35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दे रही थी। अब 20-25 क्विंटल तक सिमट सकती है। बाजार में चमकदार धान को 2,500-3,000 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है। लेकिन अब कीमत 2,000 रुपये तक गिर सकती है। दीवानगंज के किसान शिवप्रसाद ने कहा, “हमने कर्ज लेकर खेती की। अब नुकसान से कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा।”
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प्रशासन ने किसानों को नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। जिला कृषि विभाग ने सर्वे शुरू किया। प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग उठ रही है। मौसम विभाग ने 29 नवंबर तक सतर्क रहने को कहा। खेतों में पानी निकासी और फसल सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।