MP News : मध्य प्रदेश। घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी न होने से एलपीजी वितरक परेशान हैं। वे कलेक्टर को ज्ञापन देकर पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव को चेतावनी दे चुके हैं। अगर मांगें पूरी न हुईं, तो 29 अक्टूबर को भोपाल में मोमबत्ती जुलूस निकालेंगे। इसके बाद 6 नवंबर से हड़ताल शुरू हो सकती है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा के नेतृत्व में वितरकों ने यह कदम उठाया। उन्होंने बताया कि एक ही मांग पर केंद्रित ज्ञापन दिया गया। यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव को संबोधित है। पूरे देश में एक साथ यह अभियान चलाया गया। वितरक होम डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क में तुरंत बढ़ोतरी चाहते हैं।
अगर मांगें न मानी गईं, तो पहला चरण 29 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों और राजधानियों में मशाल-मोमबत्ती जुलूस होगा। दूसरा चरण 6 नवंबर को ‘नो मनी, नो इंडेंट’ अभियान चलेगा। मतलब, बिना पैसे जमा किए कोई सिलेंडर नहीं लेंगे। आंदोलन का आखिरी दौर दिल्ली में प्रदर्शन होगा। फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लेंगे।
मुख्य मांग यह है कि होम डिलीवरी शुल्क बढ़ाया जाए। साथ ही प्रशासनिक शुल्क में भी इजाफा हो। 2018-19 तक हर साल रिव्यू होता था। लेकिन 2020-21 में कोरोना के कारण रुका। 2022-23 में थोड़ा बढ़ाया गया। उसके बाद मंत्रालय ने आईआईएम अहमदाबाद की कमेटी से रिपोर्ट मंगाई। रिपोर्ट में कहा कि डिलीवरी पर कम से कम 120 रुपये का खर्च आता है।
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यह बढ़ोतरी 2022 में ही हो जानी चाहिए थी। लेकिन प्रस्ताव पर मंजूरी नहीं मिली। पिछले तीन साल से कमीशन स्थिर है। अभी 35 रुपये कमीशन और 38 रुपये प्रशासनिक चार्ज मिलता है। कुल 73 रुपये। लेकिन बीमा, बिजली, वाहन और ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वितरकों का कहना है कि यह खर्च न उठा पाने लायक हो गया है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान न हुआ, तो गैस सप्लाई पर असर पड़ेगा। ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। मंत्रालय से उम्मीद है कि मांगें मान ली जाएंगी। वरना आंदोलन तेज होगा।