Chhath Puja 2025 : भोपाल, मध्य प्रदेश। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा नजदीक है। भोपाल में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने शहर के 52 छठ घाटों पर साफ-सफाई, रंग-रोगन, बिजली, चेंजिंग रूम, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं जुटाने का काम तेज कर दिया है।
शीतल दास की बगिया, कमला पार्क, वर्धमान पार्क (सनसेट पॉइंट), खटलापुरा, काली मंदिर घाट, प्रेमपुरा, अयोध्या बायपास, हथाईखेड़ा डैम, बरखेड़ा और घोड़ा पछाड़ डैम जैसे प्रमुख घाटों को चमकाया जा रहा है। भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि इस बार लाखों श्रद्धालु घाटों पर जुटेंगे। शहर में उत्साह का माहौल है।
छठ पूजा का महत्व
छठ पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक चार दिन चलती है। इस बार यह 25 से 28 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। छठी मैया को सूर्य देव की बहन और प्रकृति का छठा अंश माना जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा से स्वास्थ्य, समृद्धि, और लंबी आयु मिलती है। यह पर्व बिहार, झारखंड, यूपी और मध्य प्रदेश में खास उत्साह से मनाया जाता है।
पहला दिन: नहाए-खाए (25 अक्टूबर)
छठ का पहला दिन नहाए-खाए कहलाता है। इस दिन व्रती नदी या तालाब में स्नान करते हैं। घर की सफाई होती है। सूर्योदय सुबह 6:28 बजे और सूर्यास्त शाम 5:42 बजे होगा। सात्विक भोजन खाया जाता है।
दूसरा दिन: खरना (26 अक्टूबर)
खरना पर व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को सूर्यास्त (5:41 बजे) के बाद गुड़-चावल की खीर और पूड़ी का प्रसाद खाते हैं। यहीं से 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत शुरू होता है। सूर्योदय 6:29 बजे होगा।
तीसरा दिन: षष्ठी-संध्या अर्घ्य (27 अक्टूबर)
मुख्य दिन पर व्रती घाटों पर जुटते हैं। डूबते सूर्य (5:40 बजे) को अर्घ्य देते हैं। बांस की टोकरी में ठेकुआ, फल, नारियल, गन्ना जैसे प्रसाद सजाए जाते हैं। सूर्योदय 6:30 बजे होगा।
चौथा दिन: उषा अर्घ्य और पारण (28 अक्टूबर)
अंतिम दिन उगते सूर्य (6:30 बजे) को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद प्रसाद खाकर व्रत खोला जाता है। सूर्यास्त 5:39 बजे होगा। अर्घ्य के साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त होता है। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद व्रती छठ का प्रसाद खाकर अपना व्रत खोलती हैं। इसके बाद पारण होता है, जिसमें व्रती चावल, दाल, सब्जी, साग, पापड़, चटनी, बड़ी, पकौड़ी, आदि चीजें खाती हैं और उसके बाद पूरा परिवार खाना खाता है।
नगर निगम ने सभी घाटों पर सुरक्षा और सफाई के इंतजाम किए हैं। चलित शौचालय, पेयजल टैंकर और लाइटिंग की व्यवस्था पूरी हो रही है। कुंवर प्रसाद ने कहा, “श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए हम प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।” पिछले साल की तरह इस बार भी भोपाल के घाट भक्ति और उत्साह से गूंजेंगे।
Q . भोपाल में छठ पूजा 2025 कब मनाई जाएगी?
छठ पूजा 25 अक्टूबर (नहाए-खाए) से शुरू होकर 28 अक्टूबर (उषा अर्घ्य) तक चलेगी।
Q . भोपाल में छठ पूजा के लिए कौन से घाट तैयार किए जा रहे हैं?
शीतल दास की बगिया, कमला पार्क, वर्धमान पार्क, खटलापुरा, प्रेमपुरा, हथाईखेड़ा डैम समेत 52 घाट तैयार हो रहे हैं।
Q . छठ पूजा के चार दिन क्या हैं?
पहला दिन नहाए-खाए, दूसरा खरना, तीसरा संध्या अर्घ्य और चौथा उषा अर्घ्य व पारण।
Q . छठ पूजा में सूर्य को अर्घ्य कब दिया जाता है?
तीसरे दिन (27 अक्टूबर) डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य और चौथे दिन (28 अक्टूबर) उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाता है।
Q . भोपाल में छठ घाटों पर क्या व्यवस्थाएं हो रही हैं?
साफ-सफाई, रंग-रोगन, बिजली, चेंजिंग रूम, चलित शौचालय और पेयजल की सुविधाएं जुटाई जा रही हैं।
Q . छठ पूजा का महत्व क्या है?
छठी मैया की पूजा से स्वास्थ्य, समृद्धि और लंबी आयु मिलती है। यह सूर्य और प्रकृति की उपासना का पर्व है।
Q . खरना के दिन क्या होता है?
व्रती दिनभर निर्जला व्रत रखते हैं। सूर्यास्त (5:41 बजे) के बाद गुड़-चावल की खीर और पूड़ी खाकर 36 घंटे का व्रत शुरू करते हैं।