MP Cough Syrup Case : जबलपुर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब जबलपुर में कार्रवाई तेज हो गई है। श्रीसन फार्मा की महाकौशल डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस खाद्य एवं औषधि विभाग ने रद्द कर दिया। यह सिरप तमिलनाडु की श्रीसन फार्मा ने बनाया था। जांच में सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की घातक मात्रा मिली। यह रसायन किडनी फेलियर का कारण बनता है।
डीलर पर सख्ती, गोदाम सील
जबलपुर के नोदरा ब्रिज पर स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल्स से छिंदवाड़ा को बड़ा स्टॉक भेजा गया था। रविवार को आई जांच रिपोर्ट ने कई कमियां उजागर कीं। गोदाम में दवाओं के स्टॉक रखने की कोई अनुमति नहीं थी। संचालक ने दुकान का लाइसेंस दिखाया, लेकिन गोदाम के दस्तावेज गायब थे। वहां रेफ्रिजरेटर भी नहीं मिला, जो नियमों के खिलाफ है।
सेल-पर्चेज का रिकॉर्ड भी अधूरा था। विभाग ने ऑफिस और गोदाम सील कर दिया। सैंपल जब्त हो चुके हैं। औषधि अधिनियम 1940 के तहत नोटिस जारी हुआ। फर्म को एक दिन में जवाब मांगा गया, लेकिन समय पर जवाब न आने से लाइसेंस रद्द कर दिया।
कटारिया के मालिक का दावा है कि वे सिर्फ सप्लाई करते हैं, निर्माण नहीं। लेकिन जांच में संदेह बढ़ गया। छिंदवाड़ा में यह सिरप सिर्फ जबलपुर रूट से पहुंचा। प्रशासन कारण जानने में जुटा है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने स्टॉकिस्ट से पूछा कि घटिया दवा क्यों बेची गई।
मैन्युफैक्चरर पर भी शिकंजा
तमिलनाडु की श्रीसन फार्मा के मालिक जी. रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। कंपनी का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द होगा। जांच में फैक्ट्री में 350 उल्लंघन मिले। गंदी जगह पर दवा बनी। नॉन-फार्मा ग्रेड प्रोपाइलीन ग्लाइकॉल इस्तेमाल हुआ।
वेंटिलेशन खराब, उपकरण जंग लगे। DEG की मात्रा 48.6% थी, जो सीमा से 486 गुना ज्यादा। तमिलनाडु सरकार ने प्रोडक्शन रोक दिया। कई राज्य जैसे पंजाब, यूपी, राजस्थान ने सिरप बैन कर दिया।
डॉक्टर गिरफ्तार, कई निलंबन
छिंदवाड़ा के डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कई बच्चों को यह सिरप लिखा था। एसआईटी जांच कर रही है। दो ड्रग इंस्पेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और ड्रग कंट्रोलर को निलंबित किया गया। आईजी प्रमोद वर्मा ने कहा, जांच जारी है। दोषियों को सजा मिलेगी। सीएम मोहन यादव ने तमिलनाडु अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
Q. कोल्ड्रिफ कफ सिरप से कितने बच्चों की मौत हुई है?
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्ड्रिफ सिरप से 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर मौतें किडनी फेलियर से हुईं।
Q. जबलपुर के कटारिया फार्मास्यूटिकल्स पर क्या कार्रवाई हुई?
खाद्य एवं औषधि विभाग ने लाइसेंस रद्द कर दिया। ऑफिस और गोदाम सील हो गए। गोदाम में अनुमति और रेफ्रिजरेटर न होने पर सख्ती की गई।
Q. कोल्ड्रिफ सिरप में कौन सा जहरीला पदार्थ मिला?
सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की 48.6% मात्रा पाई गई, जो सीमा से बहुत ज्यादा है। यह किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
Q. श्रीसन फार्मा के खिलाफ क्या कदम उठाए गए?
कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द होगा। फैक्ट्री में 350 उल्लंघन मिले।
Q. छिंदवाड़ा हादसे में डॉक्टर की क्या भूमिका थी?
डॉक्टर प्रवीण सोनी ने कई बच्चों को सिरप लिखा, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। कई अधिकारी निलंबित हो चुके हैं।
Q. कोल्ड्रिफ सिरप की सप्लाई कैसे हुई?
तमिलनाडु की श्रीसन फार्मा से जबलपुर के कटारिया फार्मास्यूटिकल्स को भेजा गया। वहां से छिंदवाड़ा में वितरित हुआ।
Q. अन्य राज्यों में कोल्ड्रिफ सिरप पर क्या प्रतिबंध है?
पंजाब, यूपी, राजस्थान, तमिलनाडु जैसे कई राज्यों ने बैन कर दिया। स्टॉक जब्त हो रहे हैं।