Dussehra 2025 : हरदा, मध्य प्रदेश। हरदा के खेड़ीपुरा मोहल्ले का शेख परिवार पिछले पांच दशकों से रावण का पुतला तैयार कर रहा है। यह परंपरा 1970 के दशक में शुरू हुई, जब शेख परिवार के बड़े-बुजुर्गों ने नेहरू स्टेडियम में दशहरा उत्सव के लिए पहला पुतला बनाया। आज तीसरी पीढ़ी इस काम को उत्साह के साथ संभाल रही है।
शेख परिवार के मुखिया शेख रहीम ने बताया, “हमारे दादाजी ने यह शुरुआत की थी। हम हिंदू भाइयों के साथ मिलकर बुराई का प्रतीक रावण बनाते हैं, ताकि समाज में एकता और भाईचारा बना रहे।” परिवार के युवा सदस्य शेख असलम और शेख इरफान पिछले 8 दिनों से पुतला निर्माण में जुटे हैं, जिसमें बांस, कागज, रंग और आतिशबाजी का इस्तेमाल होता है।
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पुतले की ऊंचाई 52 फीट है और इसे बनाने में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च होते हैं। शेख परिवार को स्थानीय हिंदू समुदाय का पूरा सहयोग मिलता है। सामग्री खरीद से लेकर निर्माण तक कई लोग मदद के लिए आगे आते हैं। एक स्थानीय हिंदू दुकानदार रमेश साहू ने कहा, “शेख परिवार का यह काम हमें गर्व महसूस कराता है। दशहरा हम सबका त्योहार है, और वे इसे और खास बनाते हैं।” यह सहयोग हरदा को एकता का संदेश देता है, जहां धर्म की दीवारें टूटकर भाईचारा सामने आता है।
नेहरू स्टेडियम में तैयारियां जोरों पर
हरदा के नेहरू स्टेडियम में रावण दहन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हर साल हजारों लोग शामिल होते हैं। पुतला निर्माण के लिए शेख परिवार को प्रशासन से फंड और सुरक्षा व्यवस्था मिलती है।
कलेक्टर ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया है और स्टेडियम में मंच, बैठने की व्यवस्था और आतिशबाजी की अनुमति दी गई है। पिछले 8 दिनों से शेख परिवार दिन-रात मेहनत कर रहा है, ताकि विजयादशमी के दिन पुतला समय पर तैयार हो।
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शेख इरफान ने बताया, “पुतला बनाने में 10-12 लोग काम करते हैं। बांस का ढांचा, कागज की सजावट और आतिशबाजी लगाना जटिल काम है। लेकिन हिंदू भाइयों की मदद और प्रशासन का सहयोग हमें हौसला देता है।” इस साल रावण के पुतले में रंग-बिरंगे कागज और पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि प्रदूषण कम हो।
शेख परिवार का कहना है कि रावण का पुतला बनाना उनके लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का मिशन है। शेख रहीम ने कहा, “हमारा मजहब हमें भाईचारा सिखाता है। रावण जलाना बुराई को मिटाने का प्रतीक है और हम इसमें योगदान देकर गर्व महसूस करते हैं।”
कलेक्टर ने कहा, “यह आयोजन हरदा की संस्कृति का हिस्सा है। शेख परिवार की मेहनत और समुदाय का सहयोग इसे खास बनाता है।” दशहरा उत्सव में रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला भी होगा, जो हरदा की रौनक बढ़ाएगा।