Raipur Drugs Scandal : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी के हाई-प्रोफाइल मामले ने तूल पकड़ लिया है। इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक, जिसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया आज (4 सितंबर 2025) उसकी पुलिस रिमांड खत्म हो रही है। रायपुर कोर्ट ने उसे 4 सितंबर तक रिमांड पर भेजा था। नव्या पर क्लब, पब, फार्महाउस और VVIP पार्टियों में MDMA और हेरोइन जैसे ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है। पाकिस्तान, दुबई, चीन और सिंगापुर जैसे देशों से उसके कनेक्शन सामने आए हैं। अगस्त 2025 में गिरफ्तार तीन अन्य तस्करों ने नव्या का नाम उजागर किया, जिसके बाद इस ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ। आइए जानते हैं नव्या मलिक की ड्रग्स तस्करी की कहानी…।
ग्लैमर से ड्रग्स की दुनिया
30 वर्षीय नव्या मलिक एक इंटीरियर डिजाइनर और फैशन डिजाइनिंग की स्टूडेंट थी। उसकी ग्लैमरस लाइफस्टाइल और नाइट पार्टियों में सक्रियता ने उसे ड्रग्स की दुनिया में धकेल दिया। रायपुर पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
- फैशन शो और नाइट पार्टियों में नव्या का आना-जाना शुरू हुआ। यहीं से उसे ड्रग्स की लत लगी। वह जल्द ही मुंबई, दिल्ली, और पंजाब के बड़े ड्रग्स तस्करों के संपर्क में आई।
- पैसे की लालच और ग्लैमरस छवि ने नव्या को ड्रग्स तस्करी में शामिल कर दिया। उसने अपने सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्टूडेंट्स को ड्रग्स सप्लाई करने के लिए किया।
- शुरुआत में नव्या दिल्ली से ड्रग्स मंगवाती थी। बाद में उसने पंजाब, हरियाणा, और मुंबई के तस्करों से संपर्क बढ़ाया। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन और MDMA की सप्लाई के तार भी सामने आए हैं।
पुलिस के मुताबिक, नव्या की ग्लैमरस छवि और VVIP कनेक्शन ने उसे ड्रग्स तस्करी में मदद की। वह हाई-प्रोफाइल पार्टियों, पांच सितारा होटलों और फार्महाउस में ड्रग्स सप्लाई करती थी।
VVIP कनेक्शन और विदेशी लिंक
नव्या मलिक का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के अमीर और रसूखदार लोगों तक फैला हुआ था। पटrika न्यूज और लल्लूराम की रिपोर्ट्स के अनुसार:
- नव्या ने अनवर ढेबर और उनके बेटे शोएब ढेबर के साथ दोस्ती और पार्टियों में शामिल होने की बात कबूल की। वह तुर्की में अनवर के साथ तीन दिन की पार्टी में शामिल थी।
- नव्या का कनेक्शन छत्तीसगढ़ के बड़े बिजनेसमैन, अधिकारियों, और राजनीतिक हस्तियों से था। 600 से ज्यादा लोग, जिनमें अमीर घरानों के युवा और कॉलेज स्टूडेंट्स शामिल हैं, उसके ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े थे।
- नव्या ने दुबई, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, और मालदीव की यात्राएं कीं। पुलिस को संदेह है कि ये यात्राएं ड्रग्स तस्करी और हवाला लेनदेन से जुड़ी हो सकती हैं।
- पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन सप्लाई की जानकारी लवजीत सिंह और सुवित श्रीवास्तव जैसे तस्करों की पूछताछ से मिली। नव्या का इस नेटवर्क से सीधा संपर्क था।
पुलिस की पूछताछ में खुलासे
4 सितंबर 2025 तक चली रिमांड के दौरान रायपुर पुलिस ने नव्या से गहन पूछताछ की।
वॉट्सएप चैट और बैंक लेनदेन: नव्या की चैट्स और बैंक ट्रांजेक्शन से 600 से ज्यादा ड्रग्स कंज्यूमर्स की जानकारी मिली। इनमें कॉलेज स्टूडेंट्स, युवा नेत्रियां, और अमीर परिवारों के युवा शामिल हैं।
नार्को टेस्ट की तैयारी: नव्या ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए, जिसके चलते पुलिस उसका नार्को टेस्ट कराने की योजना बना रही है।
अयान परवेज की गिरफ्तारी: नव्या के करीबी दोस्त अयान परवेज (मोतीनगर, रायपुर) को भी गिरफ्तार किया गया। उसके फोन से नव्या के तीन अश्लील वीडियो और अन्य लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले। पुलिस जांच रही है कि क्या अयान नव्या को ब्लैकमेल कर ड्रग्स तस्करी के लिए मजबूर कर रहा था।
बरामद सामान: 27.58 ग्राम MDMA, 85,300 रुपये नकद, एक कार, पांच मोबाइल, और तौल मशीन जब्त की गई।
BJP का हमला:
सांसद संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि नव्या का कांग्रेस से कनेक्शन है और कांग्रेस नशे के कारोबारियों का समर्थन करती है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ढेबर परिवार (अनवर और शोएब ढेबर) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका नशे के धंधे से पुराना रिश्ता है।
कांग्रेस का पलटवार:
PCC चीफ दीपक बैज ने BJP सरकार पर पाकिस्तान से ड्रग्स सप्लाई को रोकने में नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत लगाकर रोजगार से दूर रखा जा रहा है। बैज ने मोदी सरकार और मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स कांड का जिक्र करते हुए केंद्र पर निशाना साधा।
ऑपरेशन निश्चय में ड्रग्स रैकेट का खुलासा
रायपुर पुलिस का ऑपरेशन निश्चय इस ड्रग्स रैकेट को तोड़ने के लिए चल रहा है। 3 अगस्त 2025 को कमल विहार सेक्टर-4 में छापेमारी के बाद लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव, और अश्वन चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया गया। इनसे नव्या का नाम सामने आया।
नव्या की गिरफ्तारी: 23 अगस्त 2025 को हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई, और दीप धनोरिया की गिरफ्तारी के बाद नव्या का नाम पक्का हुआ। नव्या मुंबई में छिपी थी, लेकिन 29 अगस्त 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कुल गिरफ्तारियां: 28 लोग अब तक इस रैकेट में गिरफ्तार किए गए, जिनमें चरणजीत सिंह और गुरजीत सिंह जैसे पाकिस्तानी ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े तस्कर शामिल हैं। 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेरोइन, MDMA, और गांजा जब्त किया गया।