हाइलाइट्स
- नर्मदापुरम में 67 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार।
- गलत योनो एप की एपीके फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल हैक हुआ।
- 6 बार में खाते से 4 लाख 47 हजार 268 रुपये निकाले गए।
- शुरुआती दो लेनदेन के कोई संदेश नहीं आए, बाद में ठगी का पता चला।
- साइबर सेल और कोतवाली थाने में मामला दर्ज, पुलिस जांच जारी।
Cyber Fraud: नर्मदापुरम। जिले में 67 साल के एक बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। यह धोखाधड़ी प्ले स्टोर से गलत योनो एप की एपीके फाइल डाउनलोड करने के कारण हुई।
ठगों ने उनके बैंक खाते से कुल 4 लाख 47 हजार 268 रुपये निकाल लिए। यह रकम 18 से 20 फरवरी के बीच छह बार में खाते से निकाली गई।
शुरू में नहीं आया संदेश, बाद में हुआ खुलासा
पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, 18 और 19 फरवरी को खाते से एक-एक बार पैसे निकाले गए, लेकिन इसका कोई संदेश उनके मोबाइल पर नहीं आया। इसके बाद 20 फरवरी को चार बार खाते से पैसे निकाले गए, जिनके संदेश आने पर उन्हें शक हुआ।
उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया, जहां उन्हें साइबर ठगी की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने करीब पांच दिन बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
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योनो एप की जगह डाउनलोड हो गई एपीके फाइल
पीड़ित के मोबाइल में पहले योनो एप मौजूद नहीं था। कुछ दिन पहले बैंक कर्मचारियों ने उन्हें योनो एप डाउनलोड करने की सलाह दी थी।
बुजुर्ग ने प्ले स्टोर से एप डाउनलोड किया, लेकिन एप इंस्टॉल करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद किसी व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर फोन किया और कहा कि वह एक लिंक भेज रहा है, जिससे एप चालू हो जाएगा।
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पीड़ित ने उसके बताए अनुसार लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड हो गई और उनका मोबाइल हैक हो गया, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी।
मोबाइल हैक होते ही खाते से उड़ गए पैसे
एपीके फाइल के जरिए ठगों को मोबाइल की पूरी पहुंच मिल गई। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग समय पर खाते से पैसे निकाल लिए। शुरुआती लेनदेन में संदेश नहीं आने के कारण पीड़ित को ठगी का पता देर से चला।
साइबर सेल की चेतावनी: एपीके फाइल से बचें
साइबर सेल के अनुसार, साइबर ठग आरटीओ चालान, बिजली बिल, बैंक अपडेट, केवाईसी के नाम पर लिंक भेजते हैं। ऐसे लिंक अधिकतर एपीके फाइल होते हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो सकता है।
गलती हो जाए तो तुरंत क्या करें
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सबसे पहले मोबाइल को हवाई मोड पर डाल दें
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नेटवर्क बंद होने से मोबाइल को हैक होने से बचाया जा सकता है
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मोबाइल की सेटिंग में जाकर उस संदिग्ध एप को तुरंत हटा दें
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बैंक पहुंचकर अपने खाते को सीज करवाएं, ताकि आगे कोई लेनदेन न हो
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तुरंत साइबर सेल या पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
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सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या फाइल पर भरोसा न करें। एप केवल आधिकारिक माध्यम से ही डाउनलोड करें। थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।