MP Budget Session 2026 : भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का आने वाला बजट सत्र सिर्फ वित्तीय आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक युद्ध का मैदान बनेगा। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस पूर्ण बजट के जरिए ‘विकसित मध्यप्रदेश’ की झलक दिखाने की कोशिश करेगी, लेकिन रास्ता आसान नहीं लगता। सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा।
4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगा बजट
सूत्र बताते हैं कि इस बार बजट का आकार 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगा, जो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट हो सकता है। सरकार इसे ‘जनता का बजट’ बता रही है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट बनाने से पहले आम लोगों, किसानों, व्यापारियों और विभिन्न वर्गों से सुझाव मांगे हैं। इससे सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की आवाज सुन रही है।
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लाड़ली बहना योजना को बजट का बड़ा हिस्सा
बजट का बड़ा हिस्सा लाड़ली बहना योजना और ऐसी अन्य सामाजिक योजनाओं पर जाएगा। ये योजनाएं सरकार के लिए वोट बैंक का काम कर रही हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था के नजरिए से ये खजाने पर बोझ हैं। सरकार को बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, पानी, बिजली और मुफ्त योजनाओं के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है।
कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में
विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। कांग्रेस का मुख्य हमला प्रदेश पर बढ़ते कर्ज पर है। विपक्ष का कहना है कि सरकार कर्ज लेकर ‘घी पी रही है’। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कर्ज, महंगाई और युवाओं में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है।
कांग्रेस सदन से सड़क तक इन मुद्दों पर आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के लिए पैसा नहीं है, लेकिन विदेश यात्राओं पर लोन लिए जा रहे हैं।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि बजट में महिलाओं, युवाओं, उद्योगपतियों और छात्रों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के समय असंभव लगने वाली चीजें जनता को उपलब्ध कराई हैं। यह बजट ऐतिहासिक होगा।
कुल मिलाकर यह सत्र भाजपा के ‘वेलफेयर मॉडल’ और कांग्रेस के ‘वित्तीय कुप्रबंधन’ आरोपों के बीच होगा। सरकार लाड़ली बहना जैसी योजनाओं को अपनी ताकत बताएगी, जबकि विपक्ष कर्ज और बेरोजगारी को हथियार बनाएगा। जनता की नजर इस पर रहेगी कि बजट उनकी जेब को राहत देता है या कर्ज का बोझ बढ़ाता है।