Bhojshala Basant Panchami 2026 : भोपाल। धार के प्रसिद्ध भोजशाल में बसंत पंचमी के मौके पर होने वाले आयोजन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ी अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है। पहले भी ऐसा हुआ है और केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों से मिलकर शांति से त्योहार मनाने की व्यवस्था की थी।
ASI आदेशों का पूर्ण पालन किया जाए
दिग्विजय सिंह ने कहा कि ASI (पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) ने 2003, 2013 और 2016 में अपने आदेशों में स्पष्ट कर दिया था कि जब बसंत पंचमी और शुक्रवार साथ पड़ते हैं तो पूजा सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और उसके बाद दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी।
दोपहर 1 से 3 बजे का समय शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा। उन्होंने मांग की कि इस बार भी ASI के आदेशों का पूर्ण पालन किया जाए।
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सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ASI के आदेशों का सख्ती से पालन हो। साथ ही सांप्रदायिक उन्माद और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सभी हिंदू-मुस्लिम भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमारा प्रदेश अमन का प्रतीक है और सरकार-प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है कि इस अमन को कानूनी रूप से स्थापित किया जाए।
गौरतलब है कि, भोजशाल में वर्षों से विवाद चला आ रहा है। हिंदू पक्ष सरस्वती पूजा करता है और मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करते हैं। ASI के पुराने आदेशों में समय बंटवारे का प्रावधान है। इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव की आशंका है। दिग्विजय सिंह के बयान से राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है।
कांग्रेस नेता ने इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की भावनाओं का सम्मान हो और ASI के आदेशों का पालन हो। प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए यह जरूरी है।
