हाइलाइट्स
- अधिकारियों के पैर छूकर सांसद ने नाराजगी की जाहिर।
- अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सांसद ने कहा इवेंट करने से नहीं दुनिया चलेगी।
Rajgarh News : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सांसद रोडमल नागर की नाराजगी खुलकर सामने आई। कुंडीबेह गांव में जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान अफसरों की देरी से सांसद इतने भड़क गए कि मंच से उतरकर अफसर के पैर छूने लगे।
उन्होंने कहा, “बेवकूफ की तरह डेढ़ घंटे इंतजार कराया गया। केवल इवेंट करने से कुछ नहीं होता, जमीन पर काम होना चाहिए।” यह घटना मंगलवार की है, जब कुंडीबेह गांव देश का पहला ऐसा गांव बना जहां 24 घंटे नल से शुद्ध जल पहुंच रहा है।
कार्यक्रम में दिल्ली से आए जल जीवन मिशन के अपर सचिव और अन्य अधिकारी देरी से पहुंचे, जिससे सांसद और विधायक को लंबा इंतजार करना पड़ा। सांसद की यह नाराजगी वीडियो में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
कार्यक्रम में क्या हुआ
कुंडीबेह गांव में जल जीवन मिशन के तहत जल आपूर्ति शुरू होने का कार्यक्रम आयोजित था। सांसद रोडमल नागर और विधायक अमरसिंह यादव तय समय पर पहुंच गए, लेकिन जल जीवन मिशन के अपर सचिव कमलकिशोर सोम, जल निगम के प्रबंध संचालक केवीएस चौधरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी लेट हो गए।
इस देरी से कार्यक्रम डेढ़ घंटे लेट शुरू हुआ। सांसद ने मंच पर अपनी नाराजगी जताई और अफसरों के सामने पैर छूने का इशारा किया। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे इवेंट से कुछ नहीं होता, प्रोजेक्ट में समय की पाबंदी और जिम्मेदारी जरूरी है।
नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं
घटना के बाद सांसद रोडमल नागर ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं थी। वे जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट में हो रही देरी से नाराज थे। सांसद ने कहा कि कुंडीबेह सहित 25 गांवों में 24 घंटे शुद्ध जल पहुंचना बड़ी उपलब्धि है लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में समय का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने अफसरों से बेहतर समन्वय की अपील की ताकि जनता को समय पर लाभ मिले।
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कुंडीबेह गांव की खासियत
कुंडीबेह गांव अब देशभर में उदाहरण बन गया है। यहां जल जीवन मिशन के तहत 24 घंटे नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा शुरू हो गई है। यह उपलब्धि गांव वासियों के लिए बड़ा तोहफा है। कार्यक्रम में जल आपूर्ति शुरू होने के साथ ही गांव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। सांसद ने इस प्रोजेक्ट की तारीफ की, लेकिन देरी पर सवाल उठाए।
सियासी गलियारों में चर्चा
सांसद की नाराजगी और वीडियो वायरल होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप है। कई लोग सांसद की भावना की तारीफ कर रहे हैं कि वे जनता के समय की कीमत समझते हैं। वहीं, कुछ ने इसे अफसरों के लिए सबक बताया। सियासी गलियारों में भी इस घटना पर चर्चा हो रही है। अफसरों की देरी को लापरवाही माना जा रहा है।
यहां देखिये वीडियो