हाइलाइट्स
- इस वर्ष 94300 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए ।
- 7800 विद्यार्थियों को स्कूटी का वितरण।
- 32000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर ।
MP Minister Report Card : भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों की प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी की है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं, लेकिन बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष ड्रॉपआउट रेट शून्य होना बड़ी सफलता है।
नामांकन में वृद्धि, किताबों का समय पर वितरण और डिजिटल शिक्षा पर जोर जैसे कदमों से विभाग ने नई मिसाल कायम की है। मंत्री ने विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाने का ऐलान किया, जहां सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चे कम कीमत पर किताबें खरीद सकेंगे। रिपोर्ट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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नामांकन और प्रवेश में बढ़ोतरी
विभाग ने अप्रैल में प्रवेश उत्सव आयोजित कर नामांकन को बढ़ावा दिया। पहली क्लास में नामांकन पिछले साल की तुलना में 19.6 प्रतिशत और सरकारी स्कूलों में 32.4 प्रतिशत ज्यादा रहा। कक्षा 9 से 12 तक नामांकन में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पिछले तीन सालों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट रेट में कमी आई और 2024-25 में यह 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गया। यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक है। 100 प्रतिशत किताबें समय पर स्कूलों तक पहुंचाई गईं।
छात्रों को प्रोत्साहन और सुविधाएं
इस वर्ष 94,300 विद्यार्थियों को लैपटॉप और 7,800 को स्कूटी वितरित की गई। 30,281 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन छात्रावास प्रबंधन के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया। 275 संदीपनी और 799 पीएम श्री विद्यालयों को NEP मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है।
24 प्रतिशत मिडिल स्कूल, 100 प्रतिशत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और 84 प्रतिशत हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए। 3,367 स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा शुरू की गई।
ICT लैब होंगे स्थापित
आगामी तीन सालों में जर्जर स्कूल भवनों को ठीक किया जाएगा या नए बनाए जाएंगे। सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, स्कूल समय कम किया जाएगा और ICT लैब स्थापित की जाएंगी। NEP के तहत मालवी, बुंदेलखंडी, निमाड़ी जैसी स्थानीय भाषाओं में किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी।
राजगढ़ और नरसिंहपुर में आदि शंकराचार्य गुरुकुल बनाए जाएंगे, जहां वेद और योग की शिक्षा दी जाएगी। भोपाल में शिक्षा विभाग की बहुमंजिला इमारत बनाकर सभी गतिविधियां एक जगह संचालित की जाएंगी। NEP टास्क फोर्स की नियमित बैठकें हो रही हैं।
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हम बच्चों के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा में चुनौतियां रहती हैं, लेकिन हम बच्चों के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। डिजिटल शिक्षा पर विशेष फोकस है और बुक फेयर जैसे आयोजन से पढ़ाई को रोचक बनाया जाएगा। यह रिपोर्ट विभाग की मेहनत और उपलब्धियों का प्रमाण है।