हाइलाइट्स
- बैतूल के चूनाहजूरी गांव में मासूम छात्रा ने स्कूल बस के सामने धरना दिया।
- बस चालक ने किराया बकाया होने से बस में नहीं चढ़ने दिया।
Betul News : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शिक्षा के अधिकार के लिए एक मासूम छात्रा ने अनोखा तरीका अपनाया। चिचोली ब्लॉक के चूनाहजूरी गांव की यह नन्ही छात्रा निजी स्कूल की बस में चढ़ने के लिए पहुंची, लेकिन बस चालक ने उसे बैठने से मना कर दिया। वजह थी कि छात्रा के परिजनों ने कुछ समय से बस का किराया नहीं दिया था।
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नाराज छात्रा ने तुरंत सड़क पर बस के सामने धरना दे दिया। वह वहीं बैठ गई और बस नहीं जाने दी। इस घटना से कुछ समय तक सड़क पर यातायात बाधित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को समझाकर उठाया और स्कूल प्रबंधन से बातचीत की।
ये है पूरा मामला
चूनाहजूरी गांव की यह मासूम छात्रा चिचोली के एक निजी स्कूल में पढ़ती है। उसका दाखिला आरटीई कोटे के तहत हुआ है, जिसमें गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार मिलता है। रोजाना वह स्कूल बस से जाती-आती है लेकिन इस दिन बस चालक ने किराया बकाया होने का हवाला देकर उसे बस में नहीं चढ़ने दिया।
छात्रा इससे इतनी नाराज हो गई कि उसने बस के ठीक सामने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। उसने कहा कि जब तक उसे बस में नहीं बैठाया जाएगा, वह नहीं उठेगी। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और यातायात रुक गया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने छात्रा को प्यार से समझाया और उसे उठाया। उन्होंने परिजनों से बात की और स्कूल प्रबंधन से भी संपर्क किया। पुलिस का कहना है कि मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
स्कूल प्रबंधन से चर्चा चल रही है ताकि छात्रा को आगे परेशानी न हो। आरटीई के तहत दाखिले में बस सुविधा भी शामिल होती है, इसलिए यह मामला गंभीर है।
आरटीई और बस किराए का विवाद
छात्रा का दाखिला आरटीई एक्ट के तहत हुआ है, जिसमें स्कूल को गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा और सुविधाएं देनी होती हैं लेकिन कई निजी स्कूल बस किराया अलग से वसूलते हैं।
परिजनों का कहना है कि आर्थिक तंगी की वजह से किराया नहीं दे पाए। यह घटना दिखाती है कि आरटीई लागू होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में बच्चों को शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं मिलने में दिक्कतें आ रही हैं।