Harda Principal Suspended : मध्य प्रदेश। हरदा जिले के मगरधा गांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पीयूष राठौर को गुरुवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। लोक शिक्षण संभाग नर्मदापुरम के संयुक्त संचालक मनीष वर्मा ने यह कार्रवाई की है।
अतिथि शिक्षकों ने प्राचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें सबसे बड़ा आरोप यह था कि उन्होंने अतिथि शिक्षकों की अनुपस्थित अवधि का भी पूरा मानदेय दिलवाया और खुद उसमें हिस्सा लिया। साथ ही दसवीं-बारहवीं के छात्रों से प्रवेश पत्र बांटते समय अतिरिक्त पैसे वसूले।
संबल योजना के तहत बोर्ड ने जिन बच्चों की परीक्षा फीस माफ की थी, वह पैसा भी स्कूल में जमा करवाया गया लेकिन बच्चों को वापस नहीं किया गया। सबसे हैरानी की बात यह सामने आई कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 की अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति पंजी ही गायब हो गई।
इन सब शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी ने जांच कराई। जांच में सभी आरोप सही पाए गए। प्राचार्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर ऑडियो भी वायरल हुए थे और अखबारों में खबरें छपी थीं, जिससे शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हुई। जांच रिपोर्ट में उन्हें “घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और वित्तीय अनियमितता” का दोषी ठहराया गया।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि निलंबन काल में पीयूष राठौर का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खिरकिया रहेगा।
“ये अतिथि शिक्षकों की साजिश है”
निलंबित प्राचार्य पीयूष राठौर ने सारी कार्रवाई को अतिथि शिक्षकों की राजनीति बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने सारे काम नियमों के अनुसार ही किए हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।
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राठौर ने आरोप लगाया कि पहले अतिथि शिक्षक ही स्कूल का सारा काम देखते थे, लेकिन जब उन्होंने नियमों का पालन शुरू किया तो वे नाराज हो गए और मनगढ़ंत आरोप लगा दिए। वे दिव्यांग भी हैं और उन पर दबाव डाला जा रहा है।