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Bhopal Bada Talab Shikara Ride : बड़ा तालाब में डल झील का मजा! CM मोहन यादव ने दिखाई 20 शिकारों को हरी झंडी

Bhopal Bada Talab Shikara Ride

Bhopal Bada Talab Shikara Ride : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का शहर कहा जाता है और अब यहां बड़ा तालाब पर्यटन के नक्शे पर एक नया रंग भरने जा रहा है। गुरुवार सुबह बोट क्लब पर एक खास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 शिकारों को हरी झंडी दिखाई। ये शिकारे श्रीनगर की मशहूर डल झील की याद दिलाने वाले हैं। सीएम ने खुद एक शिकारे में बैठकर सवारी भी की और लोगों को पर्यावरण-अनुकूल इस नई सुविधा का आनंद लेने का आह्वान किया। अब आम नागरिक और पर्यटक इन शिकारों पर सवार होकर बड़ा तालाब की लहरों का लुत्फ उठा सकेंगे।

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कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जैसे प्रमुख नेता मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे भोपाल का प्राकृतिक सौंदर्य और नजदीक से जुड़ाव बढ़ेगा।

नगर निगम और मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की संयुक्त कोशिश से यह योजना साकार हुई है। इससे पहले जून 2024 में प्रायोगिक तौर पर एक शिकारा चलाया गया था, जिसकी सफलता को देखते हुए अब 20 शिकारे एक साथ उतारे गए हैं।

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बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने करीब 10 महीने पहले, 12 सितंबर 2024 को बड़ा तालाब समेत प्रदेश की सभी वेटलैंड्स पर क्रूज और मोटर बोट के संचालन पर रोक लगा दी थी। कारण था डीजल इंजन से निकलने वाले जहरीले धुएं का पानी और जलीय जीवों पर बुरा असर।

एनजीटी ने इसे कैंसरकारी बताया और सल्फर व नाइट्रोजन ऑक्साइड के खतरे की चेतावनी दी। इसके बाद ‘लेक प्रिंसेस’ क्रूज और ‘जलपरी’ मोटर बोट के साथ 20 अन्य मोटर बोटें बंद हो गईं।

क्रूज बंद होने से बोट क्लब पर रोजाना आने वाले 1000 से ज्यादा पर्यटक मायूस हो गए थे। वे प्राइवेट पेडल बोट्स पर ही सैर करने को मजबूर रहे। लेकिन अब शिकारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना नया विकल्प दे रहे हैं।

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शिकारा क्या है? यह एक पारंपरिक लकड़ी की हल्की नाव है, जो कश्मीर की डल झील में प्रसिद्ध है। इसे चप्पू से चलाया जाता है, इसलिए कोई प्रदूषण नहीं होता। एक शिकारा में आधा दर्जन यात्री आराम से बैठ सकते हैं। चालक पीछे से इसे चलाता है और नाव को रंग-बिरंगे कंबल, फूलों व कुशन से सजाया जाता है।

भोपाल के शिकारों को भी इसी तरह आकर्षक बनाया गया है। ये सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक चलेंगे। प्रत्येक शिकारा 2.3 किलोमीटर का राउंड ट्रिप करेगा, जिसमें बीच में स्थित टापू तक पहुंच शामिल है। किराया प्रति व्यक्ति लगभग 150 रुपये तय होने की संभावना है, हालांकि अभी अंतिम फैसला बाकी है। स्थानीय मछुआरों को इससे रोजगार भी मिलेगा।

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भोपाल बड़ा तालाब पर देशभर से पर्यटक आते हैं। यहां वन विहार नेशनल पार्क, ऊपरी झील का प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व सभी को लुभाता है। शिकारों की शुरुआत से बोट क्लब फिर से जीवंत हो जाएगा।

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