Narmadapuram News : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम जिले के शोभापुर क्षेत्र में 20 नवंबर को एक छोटे से ट्रैफिक जाम को लेकर शुरू हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। पिपरिया नगरपालिका अध्यक्ष मीना नागपाल और भाजपा नेता नवनीत नागपाल के बेटे जयदीप नागपाल की गाड़ी पर हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस ने भट्टी निवासी हर्षित ठाकुर और अभिषेक ठाकुर पर अड़ीबाजी (रुपए मांगने) का केस दर्ज किया था। लेकिन अब श्री राजपूत करणी सेना संगठन इस मामले में कूद पड़ा है। संगठन ने इसे सत्ता पक्ष के दबाव में बना झूठा केस बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना की शुरुआत गुरुवार रात शोभापुर मार्केट में हुई। वहां ट्रैफिक जाम के कारण जयदीप नागपाल अपना वाहन निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान भट्टी के हर्षित और अभिषेक ठाकुर से कहासुनी हो गई।
मामला बढ़ा तो पिपरिया रोड पर बिजली कार्यालय के पास दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। जयदीप नागपाल ने पुलिस को शिकायत दी कि दोनों युवाओं ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे और गाड़ी पर हमला कर तोड़फोड़ की। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर ली।
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लेकिन करणी सेना का दावा है कि यह सब झूठ है। जिला अध्यक्ष इकलेश सिंह ठाकुर ने कहा कि यह महज एक साधारण झगड़ा था, जिसमें मारपीट हुई, लेकिन पुलिस ने सत्ता के दबाव में अड़ीबाजी की धाराएं जोड़ दीं।
संगठन ने सोहागपुर थाने में ज्ञापन सौंपा और मांग की कि निर्दोष युवाओं पर लगी धाराएं हटा दी जाएं। इकलेश सिंह ने कहा, “हर्षित और अभिषेक निर्दोष हैं। भाजपा के दबाव में थानेदार ने बिना जांच के केस बना दिया। न्याय न मिला तो हम चुप नहीं बैठेंगे।”
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मामला और गरमाया जब श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश प्रभारी अतुल प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रशासन को खुली चेतावनी दी।
वीडियो में अतुल सिंह ने कहा, “मैं मप्र सरकार से पूछता हूं कि राजपूत बच्चों पर राजनीतिक दबाव में झूठा केस क्यों दर्ज किया गया? क्या भाजपा हमें मजाक समझ रही है? अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो हम समझाएंगे।”
उन्होंने नर्मदापुरम संभाग के अधिकारियों को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर एकतरफा कार्रवाई हुई तो पूरे मध्यप्रदेश से करणी सैनिक शोभापुर पहुंचेंगे। “यह आंदोलन ऐसा होगा कि प्रशासन संभाल न पाएगा। हम उस थानेदार से मिलेंगे जिन्होंने नपा अध्यक्ष के बेटे के बहकावे में आकर FIR की। गलत हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे।”
दूसरी तरफ, सोहागपुर थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि FIR फरियादी जयदीप नागपाल की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। प्राइमरी जांच के बाद धाराएं लगाई गईं। कोई राजनीतिक दबाव नहीं था।
हर्षित ठाकुर और अभिषेक ठाकुर को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने कहा, “ज्ञापन की जांच की जा रही है। कानून सबके लिए बराबर है।”
इसी बीच, जयदीप नागपाल के पक्ष में पिपरिया अधिवक्ता संघ ने भी हरकत में आ गया। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और वकील सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की। संघ का कहना है कि वकील की गाड़ी पर हमला गंभीर अपराध है, इसे हल्के में न लिया जाए।