MP News : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 15 नवंबर से अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार की गणना पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस होगी। सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार टाइगर रिजर्व के कोर-बफर क्षेत्र के साथ-साथ सामान्य वन क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे बाघों की सही संख्या का पता लगाने में मदद मिलेगी।
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सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ गणना दो चरणों में होगी। पहले चरण की शुरुआत 15 नवंबर से होगी और यह 10 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान चूरना, बोरी, मढ़ई, बागरा-बफर और तवा बफर रेंज में करीब 600 कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे दिन-रात 24 घंटे वन्यजीवों की तस्वीरें खींचेंगे। हर हफ्ते कैमरों से रिकॉर्डिंग निकालकर सीधे क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जाएगी।
पहले चरण के बाद दूसरा चरण 20 दिसंबर से शुरू होगा। इसमें पिपरिया बफर, मटकुली, देनवा बफर, पश्चिम पचमढ़ी और पूर्व पचमढ़ी क्षेत्रों में कैमरा ट्रैपिंग होगी। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि यह गणना हर चार साल में एक बार होती है और इस बार फ्रेस थ्री तकनीक से कैमरा ट्रैपिंग की जा रही है।
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1 दिसंबर से शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के वन्यजीवों की गिनती भी शुरू हो जाएगी। इसमें बाघ के साथ तेंदुआ, जंगली हाथी, गौर और अन्य बड़े जानवरों को भी गिना जाएगा।
बीट गार्ड, सुरक्षा कर्मी, वन अधिकारी और बाघ मित्रों की टीमें मैदान में उतरेंगी। सामान्य जंगलों में बाघों की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए ग्राम वन समितियों को भी इसमें शामिल किया गया है।