MP Winter 2025 : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में सर्दी ने जोरदार एंट्री मार दी है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में हो रही ताजा बर्फबारी के कारण ठंडी उत्तरी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बह रही हैं। इसका सीधा असर रायसेन पर पड़ा है, जहां पिछले दो दिनों से रातें काफी ठंडी हो गई हैं। शुक्रवार सुबह तो तेज सर्दी का एहसास हुआ, मानो नवंबर की शुरुआत में ही दिसंबर वाली ठंड आ गई हो।
मौसम विभाग के मुताबिक, रायसेन में रात का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन में धूप निकल रही है लेकिन सुबह और शाम को कोहरे की हल्की धुंध और सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपा रही हैं।
एक सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद मौसम लगातार बदला हुआ था, धूप गायब थी। अब हालांकि दिन में सूरज की किरणें दिख रही हैं, पर ठंडक का असर कम नहीं हुआ। छोटे बच्चे सुबह स्कूल जाते समय गर्म कपड़े पहनकर निकल रहे हैं, जबकि बुजुर्ग घरों में हीटर और अलाव का सहारा लेने लगे हैं।
यह बदलाव कोई अचानक नहीं है। उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 4-6 नवंबर तक जमकर बर्फबारी हुई। गुलमर्ग, केदारनाथ, रोहतांग पास और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। इन ठंडी हवाओं ने मध्य प्रदेश तक पहुंचकर तापमान में भारी गिरावट ला दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तरी हवाएं और तेज होंगी, जिससे अगले कुछ दिनों में पारा 2-4 डिग्री और नीचे गिर सकता है। रायसेन सहित भोपाल, विदिशा, सीहोर जैसे आसपास के जिलों में रातें और ठंडी हो जाएंगी।
किसानों के लिए यह मौसम वरदान साबित हो रहा है। अच्छी बारिश के बाद अब ठंडक फसलों को मजबूती दे रही है। गेहूं, चना और सरसों की फसलें अच्छी हो रही हैं लेकिन आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि गर्म कपड़े तैयार रखें। सुबह-शाम बाहर निकलते समय मास्क और स्वेटर जरूरी हैं, क्योंकि कोहरा और ठंडी हवाएं सांस की तकलीफ बढ़ा सकती हैं।
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मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 नवंबर तक ठंड का असर और बढ़ेगा। मध्य प्रदेश में शुष्क मौसम रहेगा, लेकिन उत्तरी हवाओं से शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। रायसेन के लोग अब अलाव और चाय की चुस्कियों में सर्दी का मजा ले रहे हैं। बच्चे पार्कों में कम दिख रहे हैं, जबकि बाजारों में ऊनी कपड़ों की दुकानें सज गई हैं।