Ashta Fish Incident : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में नवरात्री के दौरान खोखर माता मंदिर परिसर में मरी हुई मछलियां फेंककर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना को एक महीना बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय पत्रकार कमल पांचाल ने जिला मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण को ‘षड्यंत्र’ बताया और जांच SIT को सौंपने की मांग की। उन्होंने स्थानीय भाजपा नेता कालू भट्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे खुद को मंत्री विश्वास सारंग का करीबी बताते हैं, जिसके दबाव में पुलिस चुप बैठी है।
पत्रकार कमल पांचाल ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश है। नवरात्री के पावन पर्व पर मंदिर में मरी मछलियां फेंककर धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश की गई।
पांचाल ने एक कॉल रिकॉर्डिंग का जिक्र किया, जिसमें भेरू सिंह चौहान नाम के व्यक्ति ने आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी लेकिन जैसे ही रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हुई, भेरू सिंह को धमकियां मिलने लगीं।
कथित तौर पर कालू भट्ट ने भेरू सिंह से एक वीडियो बनवाकर अपलोड कराया, जिसमें उन्होंने अपने बयान से पलट गए। इससे जांच की दिशा ही बदल गई और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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पांचाल ने आरोप लगाया कि कालू भट्ट की राजनीतिक पहुंच के कारण असली गुनहगार खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस पर दबाव साफ दिख रहा है। उन्होंने मांग की कि भेरू सिंह चौहान और कालू भट्ट के कॉल डिटेल्स निकाले जाएं, ताकि साजिश का पूरा खुलासा हो।
साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT गठित की जाए। पत्रकार ने अपनी और भेरू सिंह के परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई, क्योंकि जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही डीजीपी को मांग पत्र सौंपेंगे।
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यह घटना नवरात्री के दौरान हुई थी, जब खोखर माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। मरी मछलियां फेंके जाने से हिंदू समाज में आक्रोश फैल गया। कांग्रेस नेता हरपाल ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ठोस कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि असामाजिक तत्वों का यह घिनौना कृत्य सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश है। पुलिस क्यों चुप है? शहरवासी न्याय चाहते हैं।
इधर, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष और आरोपी भाजपा नेता कालू भट्ट ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। मंदिर में हुई घटना असामाजिक तत्वों की करतूत है। मैंने खुद पुलिस से शिकायत की और FIR दर्ज कराई है। मैं भी चाहता हूं कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। भट्ट ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि राजनीतिक साजिश रची जा रही है।